इंग्‍लैंड को एजबेस्‍टन टेस्‍ट जीतने के लिए 18 ओवर में बनाने थे 124 रन, रोमांच के चरम पर पहुंचकर ऐसा हुआ मैच का अंत

 टेस्‍ट क्रिकेट में छोटे लक्ष्‍य का पीछा करना कई बार कोई जुआ खेलने जैसा होता है. आप अपनी तरफ से तो मैच का नतीजा निकालने की हरसंभव कोशिश करते हो, लेकिन कभी-कभी ये दांव उल्‍टा भी पड़ जाता है जब नतीजा आपके खिलाफ आए. इस मुकाबले में भी कुछ ऐसा ही होता नजर आ रहा था. मगर अंत में बाल-बाल बचने वाली स्थिति पर ही आकर मामला अटक गया. आज के दिन यानी 28 जुलाई को बर्मिंघम में ऐसा टेस्‍ट खेला गया जो क्रिकेट इतिहास के सबसे रोमांचक मुकाबलों में से एक के तौर पर दर्ज हुआ. इस मैच में मेजबान इंग्‍लैंड को चुनौती मिली 18 ओवर में 124 रन बनाने की. टेस्‍ट क्रिकेट में ये लक्ष्‍य कभी भी आसान नहीं होता. आइए जानते हैं फिर इस मुकाबले का नतीजा किसके पक्ष में और किसके खिलाफ रहा.

इंग्‍लैंड और पाकिस्‍तान (Pakistan vs England) की टीमों के बीच 23 से 28 जुलाई 1987 को ये मैच खेला गया. सीरीज का ये चौथा मुकाबला था. इसमें पाकिस्‍तान ने पहले बल्‍लेबाजी करते हुए 439 रनों का बड़ा स्‍कोर खड़ा किया. ओपनर मुदस्‍सर नजर ने 124 रन की शतकीय पारी खेली तो जावेद मियांदाद ने 75 रनों का योगदान दिया. नाबाद 91 रन सलीम यूसुफ के बल्‍ले से भी निकले जो आठवें नंबर पर बल्‍लेबाजी के लिए उतरे थे. इंग्‍लैंड के लिए ग्राहम डिली ने कहर बरपाया जिन्‍होंने पांच बल्‍लेबाजों का शिकार किया. जवाब में इंग्‍लैंड की टीम ने पहली पारी में 521 रन बनाए. कप्‍तान माइक गैटिंग ने 124, टिम रोबिंसन ने 80, डेविड गावर ने 61, जॉन एंबुरी ने 58 और क्रिस ब्रॉड ने 54 रनों की पारी खेलकर टीम को इस स्‍कोर तक पहुंचाया. पाकिस्‍तान के लिए इमरान खान ने 6 विकेट लिए तो वसीम अकरम ने तीन बल्‍लेबाजों का शिकार किया.

अंत तक किसी भी टीम के पक्ष में जा सकता था मुकाबला

अब पाकिस्‍तान की दूसरी पारी की बारी थी, लेकिन पूरी टीम 205 रनों पर सिमट गई. सिर्फ एक बल्‍लेबाज अर्धशतक तक पहुंच सका और वो शोएब मोहम्‍मद थे जिन्‍होंने 50 रन बनाए. कप्‍तान इमरान खान ने 37 रनों का योगदान दिया. नील फोस्‍टर 4 विकेट लेकर मेजबान टीम के सबसे सफल गेंदबाज रहे. इस तरह इंग्‍लैंड को जीत के लिए 124 रन का लक्ष्‍य मिला, लेकिन इसमें ट्विस्‍ट ये था कि उसे ये लक्ष्‍य सिर्फ 18 ओवरों में हासिल करना था. लक्ष्‍य तो मुश्किल था ही और पाकिस्‍तानी गेंदबाजों ने तो और भी मुश्किल कर दिया. इंग्‍लैंड के नियमित अंतराल पर विकेट गिरते रहे. अंत में जब मैच ड्रॉ पर खत्‍म हुआ तब तक इंग्‍लैंड ने 17.4 ओवर में 7 विकेट पर 109 रन बनाए थे. मतलब ये मुकाबला किसी भी टीम के पक्ष में जा सकता था.