इन 2 गेंदबाजों की वजह से टीम से बाहर हो सकते हैं हार्दिक पांड्या , एक ने तो श्रीलंका में बल्लेबाजी से मचाई है धूम

 श्रीलंका के खिलाफ लिमिटेड ओवर सीरीज में भारतीय ऑलराउंडर हार्दिक पांड्या ( Hardik Pandya) की फॉर्म टीम मैनेजमेंट के लिए चिंता का विषय बनी हुई है. हार्दिक वनडे सीरीज और अब तक खेले गए इकलौते टी-20 मुकाबले में भी वो कुछ खास नहीं कर पाए हैं. पीठ की सर्जरी के बाद हार्दिक कम ही गेंदबाजी करते हुए नजर आए हैं और उनका बल्ला भी काफी समय से खामोश है. इसकी वजह से अब टीम में उनकी जगह को लेकर सवाल उठने लगे हैं. पांड्या को लेकर दिग्गज सुनील गावस्कर ने एक दिलचस्प बात कही है.

श्रीलंका के खिलाफ हाल ही में समाप्त हुई एकदिवसीय सीरीज में पांड्या ने दो पारियों में बल्लेबाजी की. दूसरे वनडे में वो बिना खाता खोले आउट हो गए. पहले और आखिरी वनडे में उन्हें शुरुआत मिली, लेकिन उसे हार्दिक बड़े स्कोर में तब्दील नहीं कर पाए. टी-20 सीरीज के पहले मुकाबले में हार्दिक 10 रन बनाकर आउट हो गए.

भारत के पास दो खिलाड़ियों का विकल्प

सुनील गावस्कर ने कहा कि सिर्फ अपने पिछले प्रदर्शन के आधार पर हार्दिक खुद पर भरोसा नहीं कर सकते. वो आगे जितनी बार फेल होंगे. दबाव और उनपर बढ़ता ही जाएगा. गावस्कर को लगता है कि भारत के पास दो खिलाड़ियों में बैकअप ऑलराउंडर विकल्प हैं, जिन्हें अगर ठीक से तैयार किया जाए, तो वे भारत के लिए हार्दिक की जगह लेने में सक्षम हैं.

दीपक-भुवनेश्वर को किया जाए तैयार

गावस्कर ने स्पोर्ट्स तक पर कहा- “बेशक, बैकअप है. आपने हाल ही में दीपक चाहर को देखा, उन्होंने साबित किया कि वह एक ऑलराउंडर हो सकते हैं. आपने भुवनेश्वर कुमार को वह मौका नहीं दिया. दो-तीन साल पहले, जब भारत श्रीलंका में खेला था, तब उन्होंने धोनी के साथ मिलकर भारत को एक मैच जीताया था. उस मुकाबले में भारत ने 7-8 विकेट गंवाए दिए थे. इसके बाद भुवनेश्वर और धोनी ने भारत को वह मैच जीताया था.

चाहर ने दूसरे वनडे में नाबाद 69 रन की शानदार पारी खेली और भारत को मुश्किलों से बाहर निकाला. उन्होंने टीम को जीत तक पहुंचाया. गावस्कर को लगता है कि ऐसा कोई कारण नहीं है कि चाहर और भुवनेश्वर को उचित ऑलराउंडर के रूप में तैयार नहीं किया जा सकता है.

सिर्फ एक खिलाड़ी पर निर्भर है टीम

गावस्कर ने कहा- “आपने कभी सोचा भी नहीं था, लेकिन ये दोनों खिलाड़ी ऑलराउंडर भी हो सकते हैं. उनके पास वह बल्लेबाजी की प्रतिभा है. आप केवल एक व्यक्ति को देख रहे हैं. पिछले 2-3 वर्षों में जो हुआ है वह यह है कि किसी और को अधिक मैका नहीं मिला है. ऐसा इसलिए कि आप सिर्फ एक खिलाड़ी को देख रहे हैं और कह रहे हैं कि ‘ओह वह फॉर्म में नहीं है’. अगर आप दूसरे खिलाड़ियों को मौका देते हैं, तो आप ऑलराउंडर ढूंढ सकते हैं.”