अश्विन ने की अंग्रेजों को धूल चटाने की तैयारी! छुट्टियां बीच में छोड़कर काउंटी क्रिकेट में खेलने उतरे

 भारतीय स्पिनर रविचंद्रन अश्विन (Ravichandran Ashwin) इंग्लैंड के खिलाफ टेस्ट सीरीज से पहले काउंटी चैंपियनशिप (County Championship) में खेलने उतरे. उन्होंने समरसेट के खिलाफ पहली बार सरे का प्रतिनिधित्व किया. पहले दिन उन्होंने 28 ओवर डाले और एक विकेट लिया. अश्विन ने इस दौरान ज्यादा प्रभावित नहीं किया लेकिन उनकी सटीक लाइन-लेंथ पर बल्लेबाजों को रन बनाने में परेशानी हुई. उन्होंने शुरुआती दो सत्र में 24 ओवर में पांच मेडन के साथ 58 रन दिए और एक सफलता हासिल की. सरे के कप्तान और इंग्लैंड के सलामी बल्लेबाज रॉरी बर्न्स ने दोनों छोर से उनसे गेंदबाजी करवाई. अश्विन इस दौरान पिछले 11 सालों में इंग्लिश काउंटी में नई गेंद से गेंदबाजी शुरू करने वाले पहले स्पिनर बने. इससे पहले वर्ष 2010 में जीतन पटेल ने ऐसा किया था.

अश्विन को दिन के दूसरे सत्र के शुरुआत में अब तक की एकमात्र सफलता टॉम लैमनबाय (42) के रूप में मिली. इंग्लैंड दौरे पर गए भारतीय खिलाड़ियों के पास अभ्यास मैच की कमी को देखते हुए अश्विन और बीसीसीआई ने इस मैच में खेलना का फैसला किया. अश्विन की कोशिश अपनी विविधता को ज्यादा दिखाए बिना अधिक से अधिक गेंदबाजी अभ्यास करने की रही. धीमी पिच पर अश्विन ने ज्यादा विविधता इस्तेमाल नहीं की और एक ही जगह पर लगातार गेंद डाली. उनकी ज्यादातर गेंद घूमी नहीं लेकिन टॉम लैमनबाय के डिफेंस को छकाते हुए बोल्ड किया. समरसेट की टीम ने दूसरे दिन के खेल की समाप्ति छह विकेट पर 280 रन बनाए.

25वें ओवर तक केवल पांच चौके दिए

पहले दिन अश्विन ने अपने 25वें ओवर तक बमुश्किल कोई ढीली गेंद फेंकी. इस दौरान उनकी गेंदों पर केवल पांच चौके लगे. इनमें से दो शॉट तो स्वीप और एक स्लॉग स्वीप के जरिए आया. समरसेट के ओपनर डेवन कॉनवे के खिलाफ उन्होंने अच्छी गेंदबाजी की और कुछ गेंदों पर तो न्यूजीलैंड के बल्लेबाज को बुरी तरह छकाया. इंग्लैंड के खिलाफ सीरीज से पहले भारतीय खिलाड़ियों के पास अभ्यास के लिए ज्यादा मैच नहीं होंगे. वे यहां पर फर्स्ट क्लास मैच तो बिलकुल भी नहीं खेल पाएंगे. ऐसे में अश्विन और बीसीसीआई ने सरे से बात की और एक मैच में खेलने की व्यवस्था की.

भारत और इंग्लैंड के बीच टेस्ट सीरीज की शुरुआत अगस्त से होनी है. इसके तहत पांच टेस्ट मैच खेले जाने हैं. इस सीरीज से पहले भारतीय टीम कुछ इंट्रा स्क्वॉड मैच खेल सकती है. साथ ही प्रैक्टिस के लिए उसका मुकाबला एक काउंटी इलेवन टीम के साथ भी होगा.