IND vs ENG: ऋषभ पंत ने इंग्लैंड सीरीज से पहले बताया अपना सीक्रेट, इन वजहों से सालभर में धूम मचाई

 भारतीय विकेटकीपर बल्लेबाज ऋषभ पंत (Rishabh Pant) को खुशी है कि उन्होंने अपने छोटे अंतरराष्ट्रीय करियर में अभी तक उतार चढ़ाव देखे हैं जिससे उन्हें एक खिलाड़ी के तौर पर निखरने में मदद मिली क्योंकि उन्होंने अपनी गलतियों से सबक लिए. हाल ही में कोविड-19 से उबरने वाले पंत भारत की तरफ से अपना 22वां टेस्ट मैच उसी मैदान (ट्रेंटब्रिज) पर खेलने के लिए तैयार हैं जिस पर उन्होंने 2018 में लंबा छक्का जड़कर टेस्ट मैचों में अपनी पहली छाप छोड़ी थी. पंत ने शनिवार को ‘बीसीसीआई.टीवी’ से कहा, ‘यह शानदार यात्रा रही क्योंकि मेरे करियर के शुरू में ही मैंने कई उतार चढ़ाव देखे. एक क्रिकेटर के रूप में आप आगे बढ़ते हो, अपनी गलतियों से सीख लेते हैं, खुद में सुधार करते हो तथा वापसी करके अच्छा प्रदर्शन करते हो. मुझे खुशी है कि मैंने अपनी गलतियों से सबक लिए और इसके बाद मुझे जो भी मौका मिला मैंने उसका फायदा उठाया. मैं खुश हूं.’

पंत ने कहा कि वह बेहतर खिलाड़ी बनने के लिये सभी शीर्ष क्रिकेटरों से सीख लेने की कोशिश करते हैं. उन्होंने कहा, ‘मैं रोहित भाई से बहुत बात करता हूं जैसे कि खेल के बारे में कि पिछले मैच में हमने क्या किया और आगे के मैचों में हम क्या कर सकते हैं. मैं अपने खेल में क्या नया जोड़ सकता हूं. मैं विराट भाई से भी तकनीकी ज्ञान लेता हूं. विशेषकर इंग्लैंड के खेलते हुए विकेट के आगे और पीछे के खेल के बारे में.’ वह बेहतर खिलाड़ी बनने के लिए हर किसी से सीख लेना चाहते हैं. उन्होंने कहा,

मैं रवि भाई (शास्त्री) से भी काफी बात करता हूं क्योंकि उन्होंने दुनिया भर में काफी क्रिकेट खेली है. ऐश भाई (अश्विन) जब गेंदबाजी कर रहे होते हैं तो उन्हें पता होता है कि बल्लेबाज के क्या इरादे हैं. इसलिए एक बल्लेबाज के तौर पर मैं गेंदबाज से बात कर सकता हूं कि वह क्या सोच रहा है. एक खिलाड़ी के तौर पर मैं हर किसी से सीख लेना चाहता हूं.

टेस्ट में 43 से ज्यादा की औसत से रन बना रहे हैं पंत

ऋषभ पंत ने अभी तक के टेस्ट करियर में 43 से ज्यादा की औसत के साथ 1400 से ज्यादा रन बनाए हैं. वे टेस्ट में तीन शतक लगा चुके हैं और विकेट के पीछ 83 शिकार कर चुके हैं. इस साल की शुरुआत में उन्होंने ऑस्ट्रेलिया दौरे पर अकेले दम पर भारत को जीत दिलाई थी. फिर इंग्लैंड के खिलाफ घरेलू टेस्ट सीरीज में भी इस युवा खिलाड़ी ने जबरदस्त प्रदर्शन किया था. इस बारे में उन्होंने कहा, ‘मुझे लगता है कि क्रिकेटर के रूप में मैं पिछले एक साल में बदल गया हूं क्योंकि अगर आपका प्रोसेस सही है तब भी रिजल्ट पक्ष में नहीं आते लेकिन लेकिन प्रोसेस पर भरोसा रखना होता है और बार-बार यह करते रहना होता है. मुझे अपने प्रोसेस पर भरोसा था और अब नतीजे मिल रहे हैं.’