ग्लेन मैक्ग्रा को इन दो भारतीय गेंदबाजों पर है गर्व, टीम इंडिया में डेब्यू पर दिया खास संदेश

 भारतीय क्रिकेट प्रतिभाशाली क्रिकेटरों की लगातार चर्चा पिछले कुछ समय से हो रही है. टीम की बेंच स्ट्रेंथ को अलग-अलग मौकों पर दुनिया के सामने पेश किया जा चुका है, जहां इन नए भारतीय क्रिकेटरों ने अपना दम दिखाया है और हर किसी के सिर को अपने प्रदर्शन से अपनी ओर घुमाया है. खास तौर पर तेज गेंदबाजी में भारत के पास लगातार नए-नए विकल्प आ रहे हैं, जो इस डिपार्टमेंट में टीम इंडिया (Team India) को मजबूती दे रहा है. इन्हीं में से दो गेंदबाजों ने श्रीलंका दौरे पर अपना डेब्यू किया. बाएं हाथ के तेज गेंदबाज चेतन साकरिया (Chetan Sakariya) और दाएं हाथ के तेज गेंदबाज संदीप वारियर (Sandeep Warrier) ने हाल ही में हुई सीरीज से अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट में कदम रखा और इनकी इस उपलब्धि से महान ऑस्ट्रेलियाई तेज गेंदबाज ग्लेन मैक्ग्रा (Glenn McGrath) भी गर्व महसूस कर रहे हैं.

साकरिया ने वनडे सीरीज के आखिरी मैच में अपना डेब्यू किया था और इसके बाद दूसरे टी20 मैच से सबसे छोटे फॉर्मेट में टीम इंडिया में एंट्री मारी थी. वहीं संदीप वारियर ने टी20 सीरीज के आखिरी मैच में नीली जर्सी पहनने का सौभाग्य प्राप्त किया था. कई अन्य खिलाड़ियों की ही तरह इन्हें भी डेब्यू करने का मौका इसलिए मिला, क्योंकि टीम श्रीलंका में ज्यादातर सीनियर खिलाड़ियों के बिना उतरी थी और फिर कोरोनावायरस मामले के कारण बनी स्थिति में भारत के पास विकल्प भी नहीं था.

मैक्ग्रा ने दोनों गेंदबाजों को दी बधाई

फिर भी इन दोनों गेंदबाजों को टीम इंडिया की कैप दिए जाने का मतलब इनकी काबिलियत पर भरोसा ही है. इनके डेब्यू के कारण जहां कई भारतीय फैंस भी खुश नजर आए, तो ऑस्ट्रेलियाई दिग्गज मैक्ग्रा ने भी अपनी खुशी जाहिर की. मैक्ग्रा ने इंस्टाग्राम पर एक पोस्ट किया और लिखा, “चेतन साकरिया और संदीप वारियर को भारत के लिए डेब्यू करने पर बहुत बधाई. आप दोनों पर बहुत गर्व है.”

मैक्ग्रा की खुशी की ये है वजह

अब सवाल उठता है कि भारतीय गेंदबाजों के डेब्यू पर ऑस्ट्रेलियाई दिग्गज क्यों इतने खुश हो रहे हैं? न तो वे टीम इंडिया के कोच हैं और न ही किसी IPL टीम या किसी राज्य टीम के कोच हैं. असल में क्रिकेट इतिहास के सफलतम गेंदबाजों में से एक मैक्ग्रा भारत की मशहूर एकेडमी MRF पेस फाउंडेशन के डाइरेक्टर हैं. भारत में तेज गेंदबाजों की तलाश और उन्हें निखारने के लिए चलाया जाने वाले इस फाउंडेशन में भारत के कई शीर्ष गेंदबाजों ने भी अपना वक्त बिताया है और संदीप वारियर और चेतन साकरिया भी इसे एकेडमी का हिस्सा रहे हैं, जहां उन्हें मैक्ग्रा जैसे दिग्गज से सीखने का मौका मिला है.