TOP 10 Sports News : पीवी सिंधु ने टोक्यो ओलंपिक में जीता ब्रॉन्ज, कश्मीर प्रीमियर लीग को लेकर बढ़ा विवाद

 नई दिल्ली. भारत की स्टार शटलर पीवी सिंधु (PV Sindhu) ने टोक्यो ओलंपिक (Tokyo Olympics) में ब्रॉन्ज मेडल जीतकर इतिहास रच दिया. उन्होंने ब्रॉन्ज मेडल मैच में चीन की हे बिंग जियाओ (He Bing Jiao) को सीधे गेमों में मात दी और ओलंपिक खेलों में दो मेडल जीतने वाली पहली भारतीय महिला बन गईं. वहीं, भारतीय पुरुष हॉकी टीम ने क्वार्टर फाइनल में ब्रिटेन को 3-1 से हराकर 49 साल बाद ओलंपिक खेलों के सेमीफाइनल में जगह बनाई. कश्मीर प्रीमियर लीग (Kashmir Premier League) को लेकर विवाद बढ़ता जा रहा है और बीसीसीआई ने इस टी20 लीग को मान्यता नहीं देने के लिए आईसीसी को पत्र लिखा है.


भारत की स्टार शटलर पीवी सिंधु ने टोक्यो ओलंपिक में ब्रॉन्ज मेडल जीतकर इतिहास रच दिया. उन्होंने रविवार को ब्रॉन्ज मेडल मैच में चीन की हे बिंग जियाओ को 21-13, 21-15 से मात दी. इस जीत के साथ वह ओलंपिक खेलों में दो मेडल जीतने वाली पहली भारतीय महिला बन गईं. सिंधु ने 2016 में रियो में खेले गए ओलंपिक गेम्स में सिल्वर मेडल जीता था. सिंधु ने भारत को टोक्यो में दूसरा पदक दिलाया. उनसे पहले वेटलिफ्टर मीराबाई चानू (Mirabai Chanu) ने सिल्वर मेडल जीता था.
आठ बार की ओलंपिक गोल्ड मेडलिस्ट भारतीय पुरुष हॉकी टीम ने टोक्यो ओलंपिक के सेमीफाइनल में जगह बना ली. मनप्रीत सिंह की कप्तानी वाली टीम ने रविवार को क्वार्टर फाइनल में ब्रिटेन को 3-1 से मात दी. यह 49 साल बाद है जब पुरुष हॉकी में भारत ने ओलंपिक खेलों के सेमीफाइनल में जगह बनाई है. इस मुकाबले में भारत के लिए दिलप्रीत सिंह, गुरजंत सिंह और हार्दिक सिंह ने 1-1 गोल किया जबकि ब्रिटेन का एकमात्र गोल वार्ड ने तीसरे क्वार्टर की समाप्ति से कुछ क्षण पहले पेनल्टी कॉर्नर पर किया. भारत का तीन अगस्त को सेमीफाइनल में बेल्जियम से मुकाबला होगा.
कश्मीर प्रीमियर लीग के शुरू होने से पहले ही इसे लेकर बड़ा विवाद शुरू हो गया है. अब बीसीसीआई ने आईसीसी को पत्र लिखकर छह अगस्त से शुरू होने वाली इस घरेलू टी20 लीग को मान्यता नहीं देने का आग्रह किया है. क्रिकइन्फो की एक रिपोर्ट के मुताबिक, बीसीसीआई ने लीग का आयोजन कश्मीर में ना करने के लिए आईसीसी को लिखा है. इससे पहले पाकिस्तान क्रिकेट बोर्ड (PCB) ने शनिवार को उसके आंतरिक मामलों में दखल देने की बीसीसीआई की कोशिशों पर नाखुशी जाहिर की थी. यह उन रिपोर्टों पर आधारित था कि भारतीय बोर्ड कुछ देशों के खिलाड़ियों को लीग में शामिल होने से रोकने की कोशिशें कर रहा रहा है. रिपोर्ट में दावा किया गया था कि बीसीसीआई इसके लिए आईसीसी के कई अन्य पूर्ण सदस्यों के संपर्क में था.
इटली के लेमंट मार्शेल जैकब्स 100 मीटर रेस के नए ओलंपिक चैंपियन बन गए, जिन्होंने रविवार को टोक्यो ओलंपिक की यह रेस जीत ली. मार्शेल जैकब्स ने 100 मीटर की यह दूरी 9.80 सेकंड में पूरी की. इसके साथ ही जैकब्स ने जमैका के महान धावक उसैन बोल्ट की विरासत को संभाल ली है. बोल्ट ने पिछले 3 ओलंपिक में 100 मी रेस का गोल्ड जीता था. मार्शेल जैकब्स 1992 के बाद पहले यूरोपियन हैं, जिन्होंने 100 मीटर की ओलंपिक रेस जीती है. 1972 में जमैकन मूल के ब्रिटिश एथलीट लिंडफोर्ड क्रिस्टी ने बार्सिलोना ओलंपिक में 100 मीटर का गोल्ड जीता था. अमेरिका के फ्रेड केरली ने सिल्वर और कनाडा के आंद्रे ग्रास ने ब्रॉन्ज मेडल जीता. फ्रेड केरली 9.84 सेकंड की टाइमिंग के साथ दूसरे नंबर पर रहे. आंद्रे ग्रास 9.89 सेकंड का समय निकाला.
भारतीय मुक्‍केबाज सतीश कुमार सुपर हैवीवेट का क्‍वार्टर फाइनल मुकाबला हार गए लेकिन उनके जज्बे की सभी लोग तारीफ कर रहे हैं. भारतीय सेना के जवान सतीश ने ना सिर्फ अपने भारतीय प्रशंसकों का, बल्कि विपक्षी खिलाड़ी का भी दिल जीता. उन्‍होंने दुनिया के नंबर एक मुक्‍केबाज उज्‍बेकिस्‍तान के बाखोदिर जालोलोव का क्‍वार्टर फाइनल में डटकर सामना किया. प्री-क्‍वार्टर फाइनल मुकाबले में सतीश माथे और ठुड्डी पर चोट लग गई थी. उन्‍हें 7 टांके लगे थे. क्‍वार्टर फाइनल में भी उनके खेलने पर संशय था, मगर मेडिकल जांच के बाद उन्‍हें जालोलोव के खिलाफ रिंग में उतरने की मंजूरी मिल गई. भले ही वह 0-5 से हार गए, मगर अपनी बहादुरी के कारण लोगों का दिल जीतने में सफल रहे.
दुनिया के शीर्ष रैंकिंग वाले टेनिस खिलाड़ी नोवाक जोकोविच ‘गोल्डन स्लैम’ को पूरा करने के सपने के साथ ओलंपिक में भाग लेने आए थे, लेकिन कांस्य पदक मुकाबले को गंवाने के बाद वह टोक्यो से खाली हाथ लौटेंगे. सर्बिया के इस खिलाड़ी को कांस्य पदक मुकाबले में स्पेन के पाब्लो कारेनो बुस्टा ने 6-4, 7-6 , 6-3 से शिकस्त दी. मैच के दौरान जोकोविच ने कई बार आपा खोया और रैकेट पर अपना गुस्सा निकाला. जोकोविच को 24 घंटे से कम समय में तीसरी बार हार का सामना करना पड़ा. जोकोविच ने दूसरे सेट में मैच प्वाइंट बचाने के बाद तीसरे सेट की लंबी रैली के दौरान बुस्टा के शॉट को रोकने में नाकाम रहने के बाद अपने रैकेट को स्टैंड की ओर फेंक दिया. इसके दो गेम के बाद जब बुस्टा ने उनकी सर्विस तोड़ी तो एक बार फिर उन्होंने अपने रैकेट से नेट पर प्रहार कर दिया. उन्होंने इसके बाद रैकेट उठाकर फोटोग्राफरों की ओर उछाल दिया.
भारत के खिलाफ पांच टेस्ट की सीरीज से पहले ही इंग्लैंड को बड़ा झटका लगा जब टीम के दिग्गज ऑलराउंडर बेन स्टोक्स ने मानसिक स्वास्थ्य का हवाला देकर क्रिकेट से ब्रेक ले लिया. पूर्व भारतीय ओपनर आकाश चोपड़ा का मानना है कि स्टोक्स का न खेलना टीम इंडिया के लिए अच्छी खबर है. उन्होंने कहा कि स्टोक्स की गैरहाजिरी का भारतीय टीम को टेस्ट सीरीज में काफी फायदा होगा. बता दें कि भारत और इंग्लैंड के बीच नॉटिंघम में 4 अगस्त से पहला टेस्ट खेला जाएगा. चोपड़ा ने कहा कि स्टोक्स अकले ही दो खिलाड़ियों जितने अच्छे क्रिकेटर हैं.
साउथ अफ्रीका के पूर्व क्रिकेटर हर्शल गिब्‍स ने कश्‍मीर प्रीमियर लीग को लेकर बीसीसीआई पर दबाव बनाने का आरोप लगाया था. अब इस मसले पर पाकिस्तानी क्रिकेटर शाहिद अफरीदी भी कूद पड़े हैं. हालांकि, उनका ऐसा करना क्रिकेट फैंस को रास नहीं आया. कई फैंस ने अफरीदी को सोशल मीडिया पर खरी-खोटी सुना दी. अफरीदी ने ट्वीट करके कहा कि बीसीसीआई एक बार फिर क्रिकेट और राजनीति को मिला रहा है. हालांकि इसके बाद अफरीदी खुद ही क्रिकेट फैंस के निशाने पर आ गए. फैंस ने उनसे क्रिकेट और राजनीति दोनों को न मिलाने की अपील की. एक फैन ने कहा कि उन्‍हें सुधर जाना चाहिए. वहीं एक फैन ने कहा कि पाकिस्‍तान सुपर लीग फ्रेंचाइजी नाखुश है.
इंग्लैंड के बाएं हाथ के स्पिनर जैक लीच का मानना है कि भारत के खिलाफ आगामी पांच मैचों की टेस्ट सीरीज में उनकी टीम का प्रदर्शन यह निर्धारित करेगा कि वह अपने खेल के विकास के मामले में कहां पहुंचे हैं. लीच इस साल की शुरुआत में भारत में टेस्ट सीरीज में खेल चुके है और वह आगामी सीरीज में व्यक्तिगत रूप से अच्छा प्रदर्शन करने को लेकर आश्वस्त है. सीरीज 4 अगस्त से शुरू होनी है. 2018 में इंग्लैंड में खेली गई पांच मैचों की सीरीज में टीम इंडिया को 1-4 से हार मिली थी. जैक लीच ने फरवरी-मार्च में इंग्लैंड के भारत दौरे पर खेली गई चार मैचों की सीरीज में 18 विकेट झटके थे.
टोक्‍यो ओलंपिक में भारतीय महिला वेटलिफ्टर मीराबाई चानू ने सिल्‍वर मेडल जीतकर इतिहास रचा. चानू एक नया अध्‍याय लिखकर अपने घर आ चुकी हैं और अब चानू अपने मेडल के साथ सीमा पर बीएसएफ जवानों से मिलने पहुंचीं. चानू मणिपुर के इंफाल में अपने गांव नॉन्‍गपोक के नजदीक सीआई पोस्‍ट दामोदर गई. बीएसएफ ने उनकी कुछ तस्‍वीरों को सोशल मीडिया पर शेयर किया. मीराबाई चानू ने वेटलिफ्टिंग में भारत का 21 साल का इंतजार खत्‍म किया था. उनसे पहले कर्णम मल्‍लेश्‍वरी ने 2000 में सिडनी ओलंपिक में ब्रॉन्‍ज मेडल जीता था.