Tokyo Olympics: पुरुष हॉकी टीम ने अपना सर्वक्षेष्ठ दिया और वही चीज मायने रखती है, सेमीफाइनल में भारत की हार के बाद बोले पीएम मोदी

 टोक्यो ओलंपिक (Tokyo Olympics) में भारतीय पुरुष हॉकी टीम के सेमीफाइनल में बेल्जियम से हारने के बाद गोल्ड का सपना टूट गया है. हालांकि वह अब भी ब्रॉन्ज मेडल के लिए दावेदार है. इस बीच प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने टीम की निराशा को दूर करते हुए उनकी हौसला अफजाई की. पीएम मोदी ने कहा कि पुरुष हॉकी टीम ने अपना सर्वश्रेष्ठ दिया और वही चीज मायने रखती है.

पीएम मोदी ने ट्वीट करते हुए कहा, ”हार-जीत जीवन का हिस्सा है. टोक्यो ओलंपिक में हमारी पुरुष हॉकी टीम ने अपना सर्वश्रेष्ठ दिया और यही मायने रखता है. टीम को अगले मैच और उनके भविष्य के प्रयासों के लिए शुभकामनाएं. भारत को अपने खिलाड़ियों पर गर्व है.

टोक्यो ओलंपिक में भारतीय पुरुष हॉकी टीम को सेमीफाइनल में 5-2 से बेल्जियम से हार झेलनी पड़ी. इसके साथ ही बेल्जियम फाइनल में पहुंचने वाली पहली टीम बन गई, जबकि भारतीय टीम का ओलिंपिक गोल्ड का इंतजार एक और ओलिंपिक के लिए बढ़ गया.

सेमीफाइनल मैच के बाद पीएम मोदी ने भारतीय हॉकी टीम के कप्तान से बात की. उन्होंने पूरे टूर्नामेंट में उनके अच्छे प्रदर्शन की सराहना की और उन्हें अगले मैच के लिए शुभकामनाएं दीं.

इससे पहले मैच के दौरान पीएम मोदी (PM Narendra Modi) ने लिखा था, ‘मैं भारत और बेल्जियम का हॉकी पुरुष सेमीफाइनल देख रहा हूं. हमें हमारी टीम और उनके कौशल पर गर्व है. उन्हें बहुत-बहुत शुभकामनाएं’. पहले हाफ का खेल खत्म हो चुका है और दोनों टीमें 2-2 से बराबरी पर हैं. भारत और बेल्जियम के बीच कड़ा मुकाबला देखने को मिला है.

भारतीय पुरुष हॉकी टीम ने टोक्यो ओलिंपिक खेलों (Tokyo Olympics 2020) में ग्रेट ब्रिटेन को 2-1 से हराकर 1972 के बाद पहली बार ओलिंपिक के अंतिम चार में जगह बनाई थी. 41 साल बाद टॉप चार में पहुंची भारतीय टीम की जीत के बाद भारत के पूर्व हॉकी कप्तान वीरेन रसकिन्हा भावुक हो गए थे. उन्होंने इतिहास रचने वाली भारतीय टीम को बधाई के संदेश भेजे थे.

1980 में भारत ने जीता था गोल्ड मेडल

1980 के बाद ओलिंपिक खेलों में भारत पहली बार पदक के करीब पहुंचा है. 1980 में भारत ने गोल्ड मेडल जीता था. वहीं 1972 के बाद भारतीय पुरुष टीम पहली बार ओलिंपिक सेमीफाइनल खेल रही है. हॉकी में देश के पास आठ ओलिंपिक गोल्ड मेडल हैं.