इलेक्ट्रिक कार खरीदने से पहले इन 5 पॉइंट का रखें ध्यान, कहीं बाद में पछताना न पड़े

 पेट्रोल की महंगाई को देखते हुए आने वाला समय इलेक्ट्रिक गाड़ियों का है. स्कूटर और ई-रिक्शा का प्रचलन तेज भी हो गया है. बाजारों में तरह-तरह की इलेक्ट्रिक कारें भी दिख रही हैं. लेकिन आप इलेक्ट्रिक कार खरीदने जा रहे हैं तो कुछ जरूरी बातों का खयाल रखें. जैसे आपको हर दिन कितनी दूरी तय करनी है, घर से ऑफिस का चक्कर कितने किलोमीटर का पड़ता है, महीने में आप किसी आउटस्टेशन घूमने जाते हैं क्या? ये ऐसे सवाल हैं जो तय करेंगे कि आपको इलेक्ट्रिक गाड़ी लेनी चाहिए या नहीं.

1- इन सवालों के जवाब ले लें

सबसे पहले पता करें कि इलेक्ट्रिक कार लेने के पीछे वजह क्या है. क्या शहर के अंदर ही आना जाना है या बाहर भी. क्या छुट्टियों में आप शहर से बाहर निकलते हैं, लंबी दूरी की यात्रा तय करते हैं? अगर रोज का आना-जाना है तो कितने किलोमीटर का सफर तय करते हैं. क्या इलेक्ट्रिक कार को लंबे दिनों तक रखना चाहते हैं या कोई अपग्रेड वर्जन जल्द लेने की फिराक में हैं?

2- घर से कितना दूर है चार्जिंग स्टेशन

अगर आप हर दिन 50-60 किमी की दूरी तय करते हैं, कार को 8-10 साल तक चलाना चाहते हैं, वीकेंड पर शॉर्ट ट्रिप पर निकलते हैं तो इलेक्ट्रिक कार अच्छा विकल्प हो सकती है. सबसे बड़ी बात ये है कि सिंगल चार्ज में आप कितनी दूरी तक चला सकते हैं. पेट्रोल पंप की तरह इलेक्ट्रिक चार्जिंग स्टेशन अभी नहीं बने. इसलिए गाड़ी चार्ज करने में दिक्कत आ सकती है. घर से चार्जिंग स्टेशन कितना दूर है, यह देख लें ताकि बैटरी खत्म होने से पहले वहां तक पहुंच जाएं. एक बार चार्ज करने पर 200-250 किमी तक सफर कर सकते हैं. इसी हिसाब से आपको प्लानिंग करनी चाहिए.

3- चार्जिंग में कितना घंटा लगेगा

ऑफिस से घर आने के बाद आप गाड़ी चार्ज करना चाहते हैं तो थोड़ी दिक्कत हो सकती है. 15एमपी एसी चार्जर का सहारा लेंगे तो आपकी गाड़ी को पूरी तरह से चार्ज करने में 9 घंटे लग जाएंगे. वहीं अगर फास्ट डीसी चार्जर से गाड़ी चार्ज करेंगे तो एक घंटे में 0-80 परसेंट तक गाड़ी चार्ज हो जाएगी. ध्यान रखें कि अंतिम का 20 परसेंट चार्ज होने में हमेशा ज्यादा वक्त लेता है क्योंकि लिथियम ऑयन बैटरी को प्रीजर्व्ड रखना होता है.

4- कितनी मंहगी होगी कार

इलेक्ट्रिक कार अन्य कारों से 25-30 परसेंट महंगी होगी. लेकिन ऑपरेटिंग कॉस्ट देखें तो यह महंगाई मायने नहीं रखती है. इलेक्ट्रिक कार को चार्ज करने के लिए प्रति किमी 1.2-1.4 रुपये का खर्च आता है जबकि पेट्रोल की गाड़ी पर यह खर्च प्रति किमी 8-9 रुपये का होता है. महीने में अगर 800 किमी चलेंगे तो इलेक्ट्रिक कार की चार्जिंग पर 640 रुपये का खर्च आएगा. यही खर्च पेट्रोल कार पर 7,200 रुपये का होगा. इस हिसाब से साल में इलेक्ट्रिक कार से 74,880 रुपये बचाए जा सकते हैं.

5- सब्सिडी कितनी मिलेगी

केंद्र सरकार के अलावा राज्य सरकारें इलेक्ट्रिक कारों को बढ़ावा देने के लिए सब्सिडी मुहैया करा रही हैं. इन कारों से प्रदूषण भी नहीं होता, इसलिए सरकारें इस पर सब्सिडी दे रही हैं. सब्सिडी की दर 1.5-2.0 लाख रुपये तक है. यानी कि कार 10 लाख की है तो 2 लाख रुपये सब्सिडी में मिल जाएंगे. इसके अलावा कार की खरीद पर जो पैसा खर्च होगा उस पर सेक्शन 80ईईबी के तहत टैक्स छूट मिलने का प्रावधान है. इलेक्ट्रिक कार खरीदने के लिए लोन पर 1.5 लाख रुपये तक की टैक्स छूट पा सकते हैं. इन गाड़ियों के मेंटीनेंस पर भी कम खर्च है और पार्ट्स भी बहुत महंगे नहीं हैं.