टीम इंडिया के युवा विकेटकीपर ने पाकिस्‍तान के खिलाफ किया धमाकेदार डेब्‍यू, हर भारतीय के चेहरे पर बिखेरी मुस्‍कान

 भारतीय क्रिकेट टीम (Indian Cricket Team) के पूर्व कप्‍तान और दिग्‍गज विकेटकीपरों में शुमार महेंद्र सिंह धोनी (Mahendra Singh Dhoni) अंतरराष्‍ट्रीय क्रिकेट से संन्‍यास ले चुके हैं. उन्‍होंने पिछले साल 15 अगस्‍त को संन्‍यास की घोषणा की थी. धोनी के संन्‍यास के बाद से ही भारतीय क्रिकेट टीम के अगले विकेटकीपर (Indian WicketKeeper) को लेकर कई खिलाड़ी रेस में आ गए थे. इसमें ऋषभ पंत भी शामिल थे तो रिद्धिमान साहा भी. हालांकि हम आपको टीम इंडिया के उस विकेटकीपर के बारे में बताने जा रहे हैं जिसने अंतरराष्‍ट्रीय क्रिकेट के अपने पहले ही मुकाबले में वो करिश्‍माई कारनामा अंजाम दिया जो धोनी जैसा धुरंधर विकेटकीपर भी अंजाम नहीं दे सका. बताते हैं आपको चिर प्रतिद्वंद्वी पाकिस्‍तान क्रिकेट टीम (Pakistan Cricket Team) के खिलाफ जबरदस्‍त डेब्‍यू करने वाले इस भारतीय विकेटकीपर के बारे में.

दरअसल, नरेन तम्‍हाणे (Naren Tamhane) का जन्‍म साल 1931 में 4 अगस्‍त को मुंबई में हुआ था. उन्‍होंने 1954-55 में पाकिस्‍तान के खिलाफ अपना टेस्‍ट डेब्‍यू किया था. 1 से 4 जनवरी तक ढाका में खेले गए इस मुकाबले में उन्‍होंने बतौर विकेटकीपर पांच शिकार किए. इसमें तीन कैच और दो स्‍टंपिंग शामिल थे. कम ही लोग ये बात जानते हैं कि तम्‍हाणे बाद में भारतीय टीम के चयन पैनल का भी हिस्‍सा थे. तम्‍हाणे उसी चयन पैनल में थे, जिसने दिग्‍गज सचिन तेंदुलकर को प्रथम श्रेणी और अंतरराष्‍ट्रीय क्रिकेट के लिए टीम में चुना था.

विकेटकीपर के तौर पर ऐसा रहा प्रदर्शन

मुंबई के नरेन तम्‍हाणे ने भारतीय क्रिकेट टीम के लिए 21 टेस्‍ट मैच खेले. इनमें 27 पारियों में 5 बार नाबाद रहते हुए उन्‍होंने 10.22 की औसत से कुल 225 रन बनाए. इनमें एकमात्र अर्धशतक के तौर पर उन्‍होंने नाबाद 54 रन बनाए. बतौर विकेटकीपर टेस्‍ट क्रिकेट में उन्‍होंने 35 कैच लपके और 16 स्‍टंप किए. जहां तक प्रथम श्रेणी क्रिकेट की बात है तो उन्‍होंने 93 मैच खेले, जिनमें 16 बार नाबाद रहते हुए 18.23 की औसत से 1459 रन बनाए. इनमें एक शतक और 5 अर्धशतक शामिल हैं. उनका उच्‍चतम स्‍कोर नाबाद 109 रन का रहा. प्रथम श्रेणी क्रिकेट में उन्‍होंने बतौर विकेटकीपर 253 शिकार किए हैं. इनमें 174 कैच और 79 स्‍टंपिंग शामिल हैं.