आपके बैंक खाते से जुड़े नए नियमों को लेकर RBI ने किया बड़ा ऐलान, अब 31 अक्टूबर से होंगे लागू, नहीं मानने पर बंद हो जाएगा खाता

 भारतीय रिजर्व बैंक (आरबीआई) ने बैंकों के लिये करंट अकाउंट यानी चालू खातों के नए नियमों को लागू करने की समयसीमा बढ़ाकर 31 अक्टूबर कर दी है. बीते दिनों कई छोटी कंपनियों के मालिकों ने खाते बंद होने की शिकायत सरकार और RBI से की थी. आरबीआई की ओर से जारी बयान में कहा गया है कि चालू खाते के लिए नए नियमों का उद्देश्य कर्जदारों के बीच लोन अनुशासन लागू करने के साथ-साथ बैंकों को बेहतर निगरानी की सुविधा देना है.


पिछले साल अगस्त में आरबीआई (Reserve Bank of India) ने करंट बैंक अकाउंट्स (Current accounts) खोलने के लिए नए नियम बनाए थे. इसमें कहा गया था कि लोन (Loan) लेने वाले का केवल उसी बैंक में चालू खाता हो सकता है जिसमें उसकी कुल उधारी का कम से कम 10 फीसदी हिस्सा हो. इसके बाद बैंकों ने कस्टमर्स को ईमेल भेजकर उनके करंट अकाउंट्स बंद करने या फ्रीज करने की जानकारी दी.आरबीआई के पुराने निर्देशों के मुताबिक, बैंक ने अपने ग्राहकों से कहा था कि हमारी ब्रांच में अपना कैश क्रेडिट/ओवरड्राफ्ट अकाउंट बनाए रख सकते हैं लेकिन आपका करंट अकाउंट बंद करना होगा. कैश क्रेडिट/ओवरड्राफ्ट अकाउंट की सुविधा लेते समय इसे मेनटेन नहीं किया जा सकता है. आपसे अनुरोध है कि 30 दिन के भीतर अपना करेंट अकाउंट बंद करने की व्यवस्था करें.


RBI की ओर से जारी सर्कुलर में कहा गया है कि नए नियमों को लागू करने संबंधी मुद्दों को हल करने के लिए उसे बैंकों से कुछ और समय के लिए अनुरोध प्राप्त हुए हैं. जिसके चलते नियमों को लागू करने की समयसीमा को बढ़ाकर 31 अक्टूबर, 2021 कर दिया गया है.क्यों नया नियम लागू हो रहा है- इसके जरिए कैश फ्लो पर नजर रखना और फंड्स की हेराफेरी पर लगाम कसना है. आरबीआई ने पाया कि मौजूदा गाइडलाइंस और जुर्माने के प्रावधानों के बावजूद लोन लेने वाले कई बैंकों में चालू खाते खुलवाकर फंड्स की हेराफेरी कर रहे थे. नए नियम का मकसद तो साफ है लेकिन कस्टमर्स को काफी असुविधा हुई है. एक सरकारी बैंक के सीनियर अधिकारी ने ईटी को बताया कि हजारों अकाउंट्स बंद करने के लिए मजबूर किया गया है. अगर सभी बैंकों को बात की जाए तो यह संख्या लाखों में हो सकती है. यह एक चुनौतीपूर्ण काम है.


करंट अकाउंट बिजनेस चलाने वाले लोगों के लिए एक बैंक खाता होता है. यह रोजमर्रा के बिजनेस ट्रांजेक्‍शन करने की सहूलियत देता है. करंट अकाउंट में पड़े पैसे को किसी भी समय बैंक की शाखा या एटीएम से निकाला जा सकता है. इसमें किसी तरह की कोई बंदिश नहीं होती है. खाताधारक कितनी भी बार चाहें पैसे को निकाल जमा कर सकते हैं. यानी चालू खाते में आप अपनी मर्जी से दिन में जितने चाहें उतने लेनदेन कर सकते हैं.सेविंग बैंक अकाउंट में जहां आपको बैलेंस पर ब्‍याज मिलता है. वहीं, चालू खाते के बैलेंस पर कोई ब्‍याज नहीं मिलता है. करंट अकाउंट खोलने के लिए आप वोटर आईडी कार्ड, फोटो, आधार कार्ड, पैन कार्ड, ड्राइविंग लाइसेंस और पासपोर्ट का इस्‍तेमाल कर सकते हैं.