IND vs ENG 1st Test: इंग्लैंड की पहली पारी 183 पर सिमटी, रोहित-राहुल ने भारत को दी अच्छी शुरुआत

 नई दिल्ली. भारत ने तेज गेंदबाजों की बदौलत पहले टेस्ट (IND vs ENG 1st Test) में इंग्लैंड की पहली पारी बुधवार को पहले ही दिन 183 रन पर समेट दी. पेसर जसप्रीत बुमराह ने 46 रन देकर 4 विकेट झटके जबकि मोहम्मद शमी (Mohammed Shami) को 3 विकेट मिले. इंग्लैंड के लिए उसके कप्तान जो रूट (Joe Root) ने सर्वाधिक 64 रन का योगदान दिया जिन्होंने 108 गेंदों पर 11 चौके लगाए. भारत ने पहले दिन का खेल खत्म होने तक बिना कोई विकेट खोए 21 रन बनाए. ओपनर लोकेश राहुल 9 और रोहित शर्मा 9 रन बनाकर नाबाद लौटे. भारत अभी इंग्लैंड से पहली पारी के आधार पर 162 रन पीछे है.


जसप्रीत बुमराह ने अपनी खोई लय हासिल की जबकि शमी ने अपनी गेंदबाजी में पैनापन दिखाया जिससे पहला दिन पूरी तरह भारत के नाम रहा. टॉस जीतकर पहले बल्लेबाजी के लिए उतरा इंग्लैंड एक समय तीन विकेट पर 138 रन बनाकर अच्छी स्थिति में दिख रहा था लेकिन इसके बाद उसने 45 रन के अंदर अपने आखिरी सात विकेट गंवा दिए. वर्ल्ड टेस्ट चैंपियनशिप फाइनल (WTC Final) में बेअसर रहे बुमराह ने अपनी लय दिखाई और 46 रन देकर चार विकेट लिए. टीम के तीन अन्य तेज गेंदबाजों शमी (28 रन देकर तीन), शार्दुल ठाकुर (41 रन देकर दो) और मोहम्मद सिराज (48 रन देकर एक) ने उनका अच्छा साथ दिया.

रोहित और राहुल ने बेहद सतर्कता बरती और किसी तरह का जोखिम नहीं उठाया. इंग्लैंड की गेंदबाजी में कोई खास पैनापन भी नहीं दिखा. दिन के आखिरी ओवर में ओली रोबिन्सन ने राहुल के खिलाफ पगबाधा की विश्वसनीय अपील की. इस पर इंग्लैंड ने रिव्यू भी गंवाया. इससे पहले इंग्लैंड ने पहले दो सत्र में 2-2 विकेट गंवाए लेकिन तीसरे सत्र में उसकी पारी ताश के पत्तों की तरह बिखर गयी. सैम करेन ने इस बीच नाबाद 27 रन जोड़े लेकिन अन्य बल्लेबाजों के पास भारतीय गेंदबाजों का कोई जवाब नहीं था.


इंग्लैंड ने लंच तक दो विकेट पर 61 रन बनाये और इस बीच सलामी बल्लेबाज रोरी बर्न्स (0) और जैक क्रॉउली (68 गेंदों पर 27) के विकेट गंवाए. दूसरे सेशन में डॉम सिबली (70 गेंदों पर 18 रन) और जॉनी बेयरस्टो (71 गेंदों पर 29) पैवेलियन लौटे. रूट और बेयरस्टो ने चौथे विकेट के लिए 72 रन की साझेदारी की. बादल छाये रहने और स्विंग मिलने का भारतीय गेंदबाजों ने पूरा फायदा उठाया.

बुमराह ने भारत को स्वर्णिम शुरुआत दिलाई. उन्होंने पारी की पांचवीं गेंद पर ही बर्न्स को lbw आउट किया. बुमराह ने तीन आउटस्विंगर के बाद लेग स्टंप पर गेंद पिच कराई जो बर्न्स के पैड पर लगी और अपील पर अंपायर की उंगली उठ गई. बल्लेबाज ने डीआरएस लिया लेकिन इसका कोई लाभ नहीं मिला. भारत को दूसरा विकेट सिराज ने दिलाया. उनकी गेंद क्रॉउली के बल्ले का हल्का किनारा लेकर विकेटकीपर ऋषभ पंत के दस्तानों में पहुंची लेकिन अंपायर ने अपील ठुकरा दी. पंत की सलाह पर कोहली ने रिव्यू लिया जिसे स्पष्ट हो गया कि गेंद ने बल्ले का किनारा लिया था. भारत ने इस ओवर में पहले एक रिव्यू गंवाया था.


शमी की गेंदबाजी में गजब का पैनापन था. उन्होंने दूसरे सत्र में राहुल के रूप में मिडविकेट पर फील्डर लगाया और फिर सिबली को फ्लिक करने के लिए ललचाया. बल्लेबाज उनके जाल में फंस गए और राहुल ने आसान कैच लपका. सिबली के शॉट में नियंत्रण नहीं था. भारतीयों ने कसी हुई गेंदबाजी की लेकिन रूट ने जब भी रन बनाने का मौका मिला उसे भुनाया. उन्होंने धैर्य दिखाया और ढीली गेंदों का इंतजार किया. उन्होंने इस बीच कुछ दर्शनीय शॉट लगाए और अपना 50वां टेस्ट अर्धशतक पूरा किया.

दिन के तीसरे सेशन में कहानी एकदम से बदल गई. इसकी शुरुआत टी-ब्रेक से ठीक पहले बेयरस्टो के विकेट से हुई जिन्हें शमी ने lbw आउट किया. भारत का डीआरएस का फैसला तब सही रहा था. शमी तीसरे सत्र में अपना यह ओवर पूरा करते हुए आखिरी गेंद पर डैनियस लॉरेन्स (0) को पंत के हाथों कैच कराया.


जोस बटलर ने 18 गेंद तक क्रीज पर टिके रहे लेकिन वह इस बीच शॉट मारने के लिए संघर्ष करते हुए दिखे. ऐसे में बुमराह की कोण लेती गेंद उनके बल्ले को चूमकर पंत के दस्तानों में समा गयी. बटलर ने खाता भी नहीं खोला. शार्दुल ने रूट को फुललेंथ गेंद पर पगबाधा आउट करके टीम को बड़ी सफलता दिलाई. उन्होंने इसी ओवर में नए बल्लेबाज ओली रॉबिन्सन आउट किया जिन्होंने शमी को कैच का अभ्यास कराया. बुमराह ने स्टुअर्ट ब्रॉड (4) और जेम्स एंडरसन (1) को पैवेलियन भेजा. भारत ने अपनी बल्लेबाजी को मजबूती देने के लिए चौथे तेज गेंदबाज के रूप में शार्दुल को अंतिम एकादश में रखा जबकि सिराज की फॉर्म को देखते हुए उन्हें टीम में लिया. टीम में रविंद्र जडेजा के रूप में एकमात्र स्पिनर हैं.