जाने तपस्वी छावनी के महंत परमहंस ने क्यों कहा जिस दिन अस्त्र उठा लेंगे, उस दिन देश में एक भी गद्दार नहीं रहेगा।

सभी को पता होगा कि दिल्ली इस समय जल रही है, और इसको जलाने में ज्यादातर उन नेताओं का हाथ है, जिन्होंने भड़काऊ भाषण और भड़काऊ नारे दिए, तथा पीछे से इसका सपोर्ट करते रहे। दिल्ली को जलाने के लिए वह सारी सुविधाएं उपलब्ध कराएं, जो एक आम नागरिक को दंगा करने में उपलब्ध नहीं हो पाती।

ऐसे में इस दंगा को देखते हुए, अयोध्या के साधु-संतों के अंदर भी आक्रोश है, इसे पर तपस्वी छावनी के महंत परमहंस ने एक बयान दे डाली।

 

साधु-संतों ने कहा अगर दिल्ली में यह सब नहीं रुका तो हम शास्त्र के बजाय शस्त्र उठा लेंगे

इससे पहले परमहंस ने कहा- सीए को लेकर जो हिंसक प्रदर्शन हो रहे हैं, कुछ हिंसक प्रवृत्ति के लोग देश में आग लगा रहे हैं, पत्थर फेंक रहे हैं, यहां तक कि पुलिस वालों की जान तक ले रहे हैं, इन सभी को देखते हुए अब सारी मर्यादाओं टूट रही हैं, अब धैर्य जवाब दे रहा है।

सीए जो कानून आया है, वह देश हित में है। लेकिन दुर्भाग्य की बात यह है कि इसको बिना समझे सभी हिंसक प्रदर्शन कर रहे हैं, और देश को आग लगा रहे हैं, कुछ लोग पाकिस्तान के इशारे पर देश को जलाने का काम कर रहे हैं।

 

इन्हीं लोगों के लिए हमने नारा लगाया है, देश के गद्दारों को गोली मारो सालों को, देश में आग लगाने वालों को गोली मारो सालों को, मतलब किसी को भी अभिव्यक्ति की आजादी तो है, लेकिन हिंसा करने की आजादी नहीं है, देश में आग लगाने की आजादी नहीं है।

जो भी संविधान की मर्यादा को तोड़कर देश में आग लगाने का कार्य करते हैं, उन्हें इस देश में रहने का कोई हक नहीं है, आज हमने गृह मंत्री को पत्र लिखा है, इन सभी दंगाइयों को देश से बाहर किया जाए।

 

अगर आगे भी इस देश में यह इसी तरह आग लगाते रहेंगे, तो हम धर्माचार्य साधु-संत मजबूर हो जाएंगे फिर शास्त्र के साथ-साथ शस्त्र उठा लेंगे, जिस दिन अस्त्र उठा लेंगे, उस दिन देश में एक भी गद्दार नहीं रहेगा।