चन्द्रगुप्त मौर्य का शासन कितने वर्षों का था?

नमस्कार दोस्तों आज हम आपको मौर्यकाल के बारे में कुछ महत्वपूर्ण तथ्यों के बारे में बताने जा रहे है। जो सभी प्रतियोगी परीक्षाओं के लिए बहुत महत्वपूर्ण है। तो आइये जानते है सभी प्रतियोगी परीक्षाओं में मौर्यकाल से पूछे जाने वाले महत्वपूर्ण तथ्य, भाग 5।

 

सभी प्रतियोगी परीक्षाओं में मौर्यकाल से पूछे जाने वाले महत्वपूर्ण तथ्य, भाग 5

  1. चन्द्रगुप्त मौर्य का शासन 24 वर्षों का था।
  2. चन्द्रगुप्त मौर्य ने जैन भिक्षु भद्रबाहु की उपस्थिति में जैन धर्म अपनाया था।
  3. बिन्दुसार को अमित्रघात नाम से जाना जाता था।
  4. बिन्दुसार का शासनकाल 25वर्षो तक रहा।
  5. सारनाथ स्तंभ का निर्माण अशोक ने करवाया।
  6. केवल भ्राबू स्तंभ स्तंभ में अशोक ने स्वयं को मगध का सम्राट बताया है।
  7. अशोक का समकालीन तुरमय मिस्र का राजा था।
  8. मौर्य मंत्री परिषद में समाहर्ता राजस्व इकट्ठा करने वाला अधिकारी था।
  9. अर्थशास्त्र में शूद्रों के लिए ‘आर्य’ शब्द का प्रयोग हुआ है।
  10. मौर्यकाल में पौतवाध्यक्ष का कार्य किसका माप-तौल निरीक्षण करना था।
  11. अशोक द्वारा निर्मित सांची के स्तूप का आकार शुंग वंश के शासकों ने दुगुना करवाया।
  12. अशोक के शिलालेखों को पढ़ने वाला प्रथम अंग्रेज़ जेम्स प्रिंसेप था।
  13. हरप्रसाद शास्त्री के अनुसार”मौर्य साम्राज्य के पतन के लिए ब्राह्मणवादी प्रतिक्रिया उत्तरदायी थी”
  14. दीपवंश , महावंश स्रोत में अशोक के राज्यकाल में तृतीय बोद्ध संगीति होने का उल्लेख मिलता है।
  15. घोसिताराम मठ कौशाम्बी में ,रानाभर स्तूप कुशीनगर में , धमेक स्तूप सारनाथ में और सहेत-महेतद श्रावस्ती में था।
  16. पत्थर पर प्राचीनतम शिलालेख प्राकृत भाषा में थे।
  17. अनुराधापुर नामक स्थान से प्राक् अशोक ब्राम्ही लिपि का पता चला है।
  18. अशोक के प्रस्तर स्तंभो पर बढ़िया पोलिश है,ये अखंड है,स्तंभो का शैफ्ट शुण्डाकार है।
  19. अशोक के दूसरा व तेरहवाँ शिलालेख संगम राज्य के बारे में बताते है।
  20. जो गुप्तचर देश से बाहर गुप्तचरी करते थे. वो समस्या उत्पन्न करते थे। गूढपुरुष कहलाते थे।

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