टेस्ट की चौथी पारी में 223 रन बनाने वाला दुनिया का एकमात्र बल्लेबाज

टेस्ट मैच बिल्कुल भी आसान नही होता तभी उसे टेस्ट का नाम दिया गया हैं। खास तौर पर इस खेल में पूरी तरह से बल्लेबाजों का टेस्ट होता हैं। पहले ही दिन से तेज गेंदबाज बल्लेबाजों का जमकर टेस्ट लेते हैं। आखरी दिन तक पिच की हालत काफी खराब हो जाती है जिसके चलते बल्लेबाजों को काफी तकलीफ का सामना करना पड़ता हैं। लेकिन आज हम ऐसे बल्लेबाजों की बात कर रहे हैं। जिन्होंने टेस्ट की पहली, दूसरी, तीसरी और चौथी पारी में सबसे बड़ा व्यक्तिगत स्कोर बनाया हैं।

पहली पारी : ब्रायन लारा (400*)

ब्रायन लारा वेस्टइंडीज के उन खिलाड़ियों में शामिल है जो ताबड़तोड़ और बड़ी पारी खेलने के लिए जाने जाते है ब्रायन लारा के नाम टेस्ट क्रिकेट में सबसे बड़ी पारी खेलने का रिकॉर्ड दर्ज हैं। लारा ने 2004 में एंटिगा के मैदान पर इंग्लैंड के खिलाफ पहली पारी में 43 चौके और 6छक्के सहित नाबाद 400 रन की पारी खेली थी।

दूसरी पारी : महेला जयवर्धने (374)

साल 2006 में महेला जयवर्धने ने दक्षिण अफ्रीका के खिलाफ टेस्ट क्रिकेट का चौथा और दूसरी पारी का सबसे बड़ा व्यक्तिगत स्कोर बनाया था। जयवर्धने ने 572 गेंदे खेलते हुए 43 चौके और 1 छक्के के सतज 374 रन जड़ दिए थे। उस मैच में महेला जयवर्धने ने कुमार संगाकारा के साथ मिलकर रिकॉर्ड 624 रन की साझेदारी बनाई थी।

तीसरी पारी : हनीफ मोहम्मद (337)

वेस्टइंडीज के खिलाफ 1958 में पाकिस्तान के हनीफ मोहम्मद मैच की तीसरी पारी में तिहरा शतकीय पारी खेली थी। वेस्टइंडीज ने 579 रन बनाएं थे जिसके जवाब में पाकिस्तान 106 पर ढेर हो गयी थी। तीसरी पारी में फॉलो ऑन खेलने उतरी पाकिस्तान की ओर से हनीफ मोहम्मद ने 970 मिनिट बल्लेबाजी करते हुए 337 रन की तीसरी पारी की सबसे बड़ी इनिंग खेल डाली।

चौथी पारी : जॉर्ज हेडली (223)

टेस्ट मैच की चौथी पारी में बल्लेबाज के लिए शतक लगाना भी मुश्किल होता हैं। लेकिन वेस्टइंडीज के जॉर्ज हेडली ने इंग्लैंड के खिलाफ मैच की चौथी पारी में अपने डेब्यू सीरीज के चौथे मैच में 223 रन की दोहरा शतकीय पारी खेली थी। हालांकि ये पारी उस दौर में खेली गई थी जब टेस्ट में कोई समय सीमा तय नही रहती थी। ऐसे में आज ल दौर में इस रिकॉर्ड का टूटना लगभग असंभव सा हैं।

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