चाणक्य नीति: अगर इंसान में आ जाएँ मुर्गे के ये 4 गुण तो उसे कामयाब होने से कोई नहीं रोक सकता

दोस्तों आचार्य चाणक्य एक महान ज्ञानी के साथ-साथ एक अच्छे नीति कार भी थे। उन्होंने मनुष्य जीवन को सुखकर बनाने के लिए कई बातें बताईं। आज हम आपको इस पोस्ट में आचार्य चाणक्य के द्वारा बताए हुए मुर्गे के चार गुण बताने जा रहे हैं। जो हर मनुष्य को जरूर जानने चाहिए।

हर मनुष्य को कामयाब बना सकते हैं मुर्गे के यह चार गुण, इन्हें जरूर जान लें

 
 

1- आचार्य चाणक्य कहते हैं कि मुर्गा एक ऐसा प्राणी है। जो समस्त संसार को जगाने का कार्य करता है। जिस तरह मुर्गा सुबह जल्दी उठकर लोगों को जगाने का कार्य करता है। ठीक उसी तरह मनुष्य को भी सुबह जल्दी उठकर ईश्वर की आराधना करनी चाहिए।

 
 

2- चाणक्य कहते हैं कि मुर्गा अपनी संपत्ति का उचित बटवारा करता है। मुर्गा अपने भोजन को अपने साथीदारों से कभी हथियाने की कोशिश नहीं करता। ठीक उसी तरह मनुष्य को भी अपनी संपत्ति का अपने नातेदारों के साथ उचित बंटवारा करना चाहिए।

 
 

3- चाणक्य कहते हैं कि मुर्गा अपने हिस्से के भोजन को पाने के लिए अपने साथीदारों से भी आक्रामक व्यवहार करने लगता है। ठीक उसी तरह मनुष्य को भी अपने हिस्से के लिए आक्रमक रहना चाहिए। भोजन करते समय शर्म करने वाला व्यक्ति बाद में भूखा रहता है।

 
 

4- चाणक्य कहते हैं कि कई बार मुर्गे को भोजन ना मिलने पर वह अपने भोजन की तलाश खुद करने लगता है। भोजन के लिए वह किसी पर निर्भर नहीं रहता है। इसी तरह मनुष्य को भी कभी किसी पर निर्भर नहीं होना चाहिए।
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