चाणक्य के अनुसार अगर आपको जीवन में सुखी रहना है तो जानलें ये 4 मूलमंत्र

१.चाणक्य के अनुसार हमेशा मालिक को नौकर से ज्यादा मेलजोल नहीं बढ़ाना चाहिए, क्योंकि नौकर और मालिक के रिश्ते के बीच उचित दूरी रखना बेहद जरूरी है, यदि नौकर को डांटते हैं और वह डांटने पर क्रोधित होकर अपने मालिक के साथ दुष्ट कृत्य कर सकता है, इसलिए मालिक को कभी अपने नौकर के साथ कोई ज्यादा मेलजोल नहीं रखना चाहिए|

चाणक्य के अनुसार इन चार लोग साथ रहना मौत को दावत देना जैसा है, कभी भी दे सकते हैं धोखा

 
 

२.हमेशा सच्चे मित्र का होना भी जरूरी है, यदि आप झूठे मित्र रखते हैं तो झूठे मित्र अक्सर छोटी-छोटी बातों पर झूठ बोल देते हैं और अपनी गलती को छुपाने के लिए वह आपको कभी भी फंसा सकते हैं, यदि आप झूठे मित्र के साथ रहते हैं तो आपको हमेशा अपमान सहना पड़ता है, इसलिए झूठे मित्र का साथ ना रहे|

 
 

३. चाणक्य के अनुसार यदि कोई व्यक्ति दुष्ट स्त्री के साथ रहता है तो दुष्ट स्त्री व्यक्ति को कभी भी धोखा दे सकती है, क्योंकि दुष्ट स्त्री का स्वभाव हमेशा आपको परेशानी में डाल सकता है, यदि आपकी शादी किसी दुष्ट स्त्री से हुई है तो आपकी मुश्किलें बढ़ जाएंगी|

 
 

४.चाणक्य के अनुसार यदि विषैला सांप आपके घर के आसपास रहता है या फिर किसी विषैले सांप का बिल है तो उसे तुरंत बंद कर दें, क्योंकि घर के आस-पास विषैले सांप का होना खतरे से कम नहीं है, यह आपके परिवार को कभी भी नुकसान पहुंचाने के लिए कोशिश कर सकता है|

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