तो इस कारण आपस में भीड़ गए इंडिया और बांग्लादेश के खिलाड़ी, कप्तान ने बताई पूरी बात

भारत पाँचवाँ अंडर-19 वर्ल्ड कप जीतते जीतते रह गया। क्रिकेट के हार्ड कोर फैंस के लिए ये निराशाजनक है कि भारत अंडर-19 वर्ल्ड कप 2020 का फाइनल मैच बांग्लादेश से हार गया। हार का ज्यादा गम इसलिए भी है क्योंकि ये हार डकवर्थ लुईस के नियम से हुई और ये तो सभी जानते हैं कि इस नियम का इतिहास काफी रोचक रहा है। दरअसल 177 रन का पीछा करने उतारा बांग्लादेश डकवर्थ लुइस (D/L) नियमों से 23 गेंद और 3 विकेट रहते ही जीत गया. जैसे ही 43वें ओवर की पहली गेंद पर रकीबुल हसन 1 रन के लिए दौड़े, उनकी टीम और साथी-सहयोगी जश्न मनाते हुए पिच की ओर भागे.

जानिए कि आखीर क्यों भीड़ गए इंडिया और बांग्लादेश U19 वर्ल्ड कप के खिलाड़ी?

 
 

यही बात है जिसके कारण मैच के बाद का वीडियो सोशल मीडिया पर भयंकर वायरल हो रहा है. आपको बता दें की बांग्लादेशी खिलाड़ी जीत का जश्न मनाते हुये उन्मादित होकर ग्राउंड में दौड़े चले आए. साफ पता चल रहा था कि वे आवश्यकता से अधिक जश्न मनाते हुये क्रामक प्रदर्शन कर रहे थे. यही नहीं कुछ बांग्लादेशी खिलाड़ी तो भारतीय खिलाड़ियों के पास जाकर (चिढ़ाते हुए) जीत की खुशी मना रहे थे. इसके कारण एक भारतीय खिलाड़ी ने भी प्रतिक्रिया दी लेकिन तभी मैदान पर मौजूद अंपायर ने दोनों खिलाड़ियों को एक-दूसरे से अलग किया. हालांकि आधिकारिक रूप से अभी तक यह स्पष्ट नहीं हो सका है कि इसकी शुरुआत कैसे हुई और कौन लोग इसके लिए जिम्मेदार हैं.
बताते चलें कि इस मैच के बाद मीडिया को संबोधित करते हुए बांग्लादेश के कप्तान अकबर अली ने इस मामले पर प्रकाश डालते हुए स्वीकार किया कि-

हमारे कुछ बॉलर बहुत जोश में थे. वे भावुक हो गए. जो हुआ, वह नहीं होना चाहिए था.

 
 

हालांकि इससे पहले भी भारतीय इनिंग की शुरुआत में भी बांग्लादेशी गेंदबाजों इंडियन ओपनर्स के साथ स्लेजिंग की थी. इसके परिणाम स्वरूप दूसरी इनिंग में भारतीय गेंदबाज भी बांग्लादेश के बल्लेबाजों से कुछ बोलते नज़र आए. अंडर-19 के फाइनल मैच में जिताऊ पारी के लिए बांग्लादेश के कप्तान अकबर अली को ‘मैन ऑफ द मैच’ के ख़िताब से नवाजा गया. इस पूरे टूर्नामेंट के दौरान सर्वाधिक 400 रन बनाने वाले भारतीय बल्लेबाज यशस्वी जायसवाल को ‘प्लेयर ऑफ द टूर्नामेंट’ का ख़िताब दिया गया. बांग्लादेश ने पहली बार अंडर-19 वर्ल्ड कप जीता है.

Comments are closed.