बेलपत्र ही नहीं बल्कि ये 5 पत्ते भी हैं भोलेनाथ के प्रिय, अर्पित करने से आपको…

बेलपत्र के अलावा शिवजी को प्रिय हैं ये 5 पत्ते, करेंगे अर्पित तो...

 
 

भगवान भोलेनाथ बड़े ही दयालु माने जाते हैं. जो कोई भी सच्चे मन से भगवान शिव की आराधना करता है, उसकी मनोकामना जरूर पूरी होती है. महाशिवरात्रि भगवान भोलेनाथ का सबसे प्रमुख पर्व है, जो आने ही वाला है. यह एक बड़ा ही पवित्र और महत्वपूर्ण अवसर होता है भगवान भोलेनाथ को अपनी आराधना से प्रसन्न करके उनका आशीर्वाद प्राप्त करने का और अपनी जिंदगी को खुशियों से भर लेने का. महाशिवरात्रि के अवसर पर भगवान भोलेनाथ का भक्तों द्वारा अभिषेक करने और उनकी विशेष पूजा-अर्चना करने की परंपरा आदिकाल से चली आ रही है. कहा जाता है कि भगवान शिव को अभिषेक खास तौर पर पसंद है. महाशिवरात्रि का त्योहार 21 फरवरी को है ओर इसकी तैयारी भक्तों ने आरंभ भी कर दी है. विधि-विधान से महाशिवरात्रि के अवसर पर पूजा करने का बहुत महत्व है, क्योंकि भगवान शिव की आराधना के इस खास मौके पर सच्ची श्रद्धा और सच्चे मन से उनकी पूजा कर ली गयी तो समझ लेना चाहिये कि बेड़ा पार है. इससे भक्तों की अभी मनोकामनाएं पूर्ण हो जाती हैं. महाशिवरात्रि इसलिए खास है, क्योंकि यही वह दिन है, जब भगवान शंकर का भी ब्याह हुआ था.
भगवान भोलेनाथ की पूजा-अर्चना करने के महाशिवरात्रि के अवसर पर कई तौर-तरीके प्रचलित हैं. इसके लिए कई तरह के विधि-विधान भी बनाये गए हैं. ऐसी मान्यता है कि इनके मुताबिक ही भोलेनाथ की पूजा महाशिवरात्रि में की जानी चाहिए, क्योंकि इससे न केवल भगवान शिव बहुत खुश होते हैं, बल्कि इससे भक्त की मनोकामना भी वे पूरी करते हैं. आपको इस बात की जानकारी होनी बहुत जरूरी है कि पूजा के दौरान भगवान को कौन-कौन सी चीजें चढ़ाई जानी चाहिए. भोलेनाथ को बेलपत्र बहुत पसंद है, जिसका जिक्र शिव पुराण में भी है. लेकिन इसके अलावा भी कुछ ऐसे पत्ते हैं, जो भोलेनाथ को बेहद प्रिय हैं. भगवान शिव की पूजा करते समय बेलपत्र के अलावा इन पत्तों को भी अवश्य रखना चाहिए.
भांग का पत्ता

 
 

भगवान को बेलपत्र के अलावा भांग का पत्ता बेहद प्रिय है. भगवान शिव को प्रसन्न करने के लिए आप भांग का पत्ता या भांग का शरबत चढ़ाएं. भांग एक प्रकार की औषधि भी है जिसका प्रयोग शिवजी ने तब किया था जब उन्होंने हलाहल विष का सेवन कर लिया था.
धतूरा का फल और पत्ता

 
 

धतूरे के फल और पत्ते का इस्तेमाल भी औषधि के रूप में किया जाता है. शिव पुराणों के अनुसार धतूरा शिवजी को बेहद प्रिय है. धन धान्य का आशीर्वाद प्राप्त करने के लिए भगवान शिव को पूजा में धतूरा अर्पित करें.
आक का फूल और पत्ता

 
 

आक का पत्ता और फूल भोलेनाथ को बेहद प्रिय हैं. जो लोग भगवान को आक अर्पित करते हैं, भोलेनाथ उनके शारीरिक और मानसिक कष्ट हर लेते हैं. एक कहावत भी है- आक से मिले लाख. यानी कि जो भी भगवान को आक अर्पित करता है, उसकी गरीबी भी दूर हो जाती है.
पीपल का पत्ता

 
 

पुराणों की मानें तो त्रिदेवों का वास पीपल के वृक्ष में होता है. भगवान शिव भी पीपल के पत्तों पर विराजमान होते हैं. जो कोई भक्त भगवान शिव को पीपल का पत्ता चढ़ाता है, भोलेनाथ उसे शनि के प्रकोप से बचाते हैं.
दूर्वा

 
 

पुराणों में कहा गया है कि दूर्वा यानी घास में अमृत बसता है. दूर्वा भोलेनाथ और गणपति को बेहद प्रिय हैं. शिवजी को दूर्वा चढ़ाने से अकाल मृत्यु का भय दूर हो जाता है.

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