पश्चिम बंगाल में जिताऊ सीटों पर कांग्रेस और वामदलों में खींचतान

 पश्चिम बंगाल में विधानसभा के लिए अभी कांग्रेस और वामदलों के बीच सीटों को लेकर फैसला नहीं हो पाया है, लेकिन जिताऊ सीटों को लेकर कांग्रेस और वामदलों में खींचतान जारी है।

राज्य में करीब सौ सीटें ऐसी हैं जहां कांग्रेस और वामदलों को लगता है कि वहां टीएमसी-भाजपा के बीच सीधा मुकाबला नहीं है। यही कारण है कि कांग्रेस और वामदल उन सीटों पर अपना दावा ठोंक रहे हैं।

प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष अधीर रंजन चौधरी बंगाल में लगातार वामदलों के साथ बैठकर सीट बंटवारे का तालमेल बैठा रहे हैं। कांग्रेस अधिक सीटों की बजाय चुनिंदा सीटों पर उम्मीदवार उतारना चाहती है। कांग्रेस के लिए पुराने नतीजे भी मुश्किलें खड़ी कर रहे हैं।

कांग्रेस ने 2016 के चुनाव में 44 सीटें जीती थीं, जबकि 48 सीटों पर दूसरे नंबर पर रही थी। वामदल चाहते हैं कि कांग्रेस उन सीटों पर भी लड़े, जहां दूसरे नंबर पर थी, लेकिन कांग्रेस के रणनीतिकार मानते हैं कि दूसरे स्थान की सीटों पर हार का अंतर इतना बड़ा था कि भाजपा के मुख्य मुकाबले में आने के बाद बदली परिस्थिति में उसे पाट पाना कठिन है। इसीलिए कांग्रेस 130 सीटें मांगने की बजाय उन सीटों की मांग कर रही है, जहां जीत की संभावना अधिक है।

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