‘दृश्यम’ स्टाइल में डॉक्टर ने दफनाया महिला का शव, मोबाइल लोकेशन ने किया भंडाफोड़

 ऐसा कई मौकों पर देखा गया है कि फिल्मों में दिखाए गए अपराध करने के तरीके कई बार वास्तव में अपराधियों की मदद करते हैं। लोग उनसे सीख लेते हैं और वैसा ही अपराध कर बचते-फिरते हैं। ऐसा ही एक मामला मध्यप्रदेश के सतना से सामने आया है। 

यहां एक डॉक्टर ने एक महिला की हत्या कर उसे खाली प्लॉट में दफना दिया। ये ठीक वैसा ही है, जैसे प्रसिद्ध मलयालय फिल्म दृश्यम में दिखाया गया था। हालांकि मध्यप्रदेश पुलिस ने डॉक्टर को उसकी लोकेशन ट्रेस कर गिरफ्त में ले लिया है।

जब डॉक्टर से पुलिस ने पूछा कि वो लंबे समय तक एक खाली प्लॉट पर क्या कर रहा था, तब डॉक्टर ने पुलिस के आगे घुटने टेक दिए और अपने जुर्म को स्वीकार कर लिया। सतना जिले के एसपी धर्मवीर सिंह यादव ने कहा कि डॉक्टर आशुतोष त्रिपाठी ने अपना अपराध कबूल कर लिया है। 

पुलिस ने जानकारी दी कि डॉक्टर आशुतोष त्रिपाठी के खिलाफ आईपीसी की धारा 302 के तहत मामला दर्ज किया गया है। महिला की हत्या करने और पुलिस को चकमा देने के लिए कु्त्ते के साथ उसके शव को दफनाने के लिए डॉक्टर के खिलाफ हत्या का मामला दर्ज किया गया है। 

डॉक्टर के क्लीनिक में ही काम करती थी महिला

महिला की उम्र 24 साल थी और वो सतना की ही रहने वाली थी। विभा केवत, डॉक्टर आशुतोष त्रिपाठी के साथ ही काम करती थी। शनिवार को पुलिस ने खाली प्लॉट से महिला का शव बरामद किया। एसपी ने बताया कि महिला डॉक्टर के क्लीनिक पर ही काम करती थी, 14 दिसंबर 2020 को वो क्लीनिक से अपने घर वापस नहीं लौटी। 

धर्मवीर सिंह यादव ने आगे बताया कि जब विभा के माता-पिता ने डॉक्टर त्रिपाठी से पूछा तो उसने कहा कि विभा अपने परिवार जनों से नाराज थी, इसलिए अकेले रहने लगी थी। इसके बाद विभा के माता-पिता ने कई बार उससे संपर्क साधने की कोशिश की लेकिन उन्हें कोई जवाब नहीं मिला।

मोबाइल फोन की लोकेशन ने किया भंडाफोड़

इसके बाद एक फरवरी को उन्होंने अपनी बेटी के लापता होने की शिकायत दर्ज कराई। पुलिस ने मामले में पूछताछ करनी शुरू की लेकिन शुरुआत में डॉक्टर त्रिपाठी ने कुछ भी बताने से मना कर दिया। पुलिस ने जांच में पाया कि विभा और डॉ. त्रिपाठी की मोबाइल लोकेशन 14 दिसंबर को एक ही जगह पर लंबे समय तक थी। 

इसके बाद पुलिस ने डॉ. त्रिपाठी को हिरासत में लिया और पूछताछ शुरू की। बाद में डॉक्टर ने अपना अपराध स्वीकार कर लिया। डॉ. त्रिपाठी ने बताया कि हम दोनों एक रिश्ते में थे, विभा शादी का प्रेशर डाल रही थी और मैं शादी नहीं करना चाहता था। 14 दिसंबर को हमारे बीच किसी मुद्दे पर लड़ाई हुई और मैंने उसकी हत्या कर दी। 

इसके बाद उसके शव को दफनाने के लिए, मैंने मजदूरों से मृत कुत्ते के शव को दफनाने के लिए एक गड्ढा करने को कहा। इसके बाद पहले मैंने महिला को दफनाया और बाद में एक मृत कुत्ते को दफनाया। 

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