माना मोहब्बत हुए, खत लिखना प्यार मे ज़रूरी नही। प्यार दिलो का मैल हे जिसमे मिलना ज़रूरी नही।

माना मोहब्बत हुए, खत लिखना प्यार मे ज़रूरी नही।

प्यार दिलो का मैल हे जिसमे मिलना ज़रूरी नही।

इस तरह मिली वो मुझे सालों के बाद,जैसे हक़ीक़त मिली हो ख्यालों के बाद।

प्यार के लिए दीवाने चले आते है शम्मा के लिए परवाने चले आते है।

याद नही करते तो कोई बात नही पर, चले आना मौत पर।

मेरी क्यू की वाहा तो बेगाने भी चले आते है।

इस तरह मिली वो मुझे सालों के बाद,जैसे हक़ीक़त मिली हो ख्यालों के बाद।

मैं पूछता रहा उस से ख़तायें अपनी,वो बहुत रोई मेरे सवालों के बाद।

क़यामत के रोज़ फ़रिश्तों ने जब माँगा,उससे ज़िन्दगी का हिसाब।

ख़ुदा, खुद मुस्कुरा के बोला,जाने दो… मोहब्बत की है इसने।

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