ये दुनिया है जनाब महफ़िल में बदनाम, और अकेले में सलाम करती है।

सुनो मत पूछो कि कैसे हैं हम,

कभी भूल ना पाओगे ऐसे हैं हम।

जैसे हर सवाल का जवाब नहीं होता, वैसे ही हर इंसान हमारी तरह नवाब नहीं होता

ये दुनिया है जनाब महफ़िल में बदनाम,

और अकेले में सलाम करती है।

जैसे हर सवाल का जवाब नहीं होता,

वैसे ही हर इंसान हमारी तरह नवाब नहीं होता।

परख न सकोगे ऐसी शख़्सियत है मेरी,

मैं उन्ही के लिए हूं जो जाने कदर मेरी।

दुश्मन मेरी लिखी हुई तकदीर से जलता है,

क्योंकि मेरे पीछे मेरे चाहने वालों का काफिला चलता है।

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