शमा कहती है मूज़े बनाया किसने, जिस जिस के हाथ लगी मूज़े जलाया उसने

हैरान बैठा हूँ वक़्त का धागा ले कर,रूह को रफू करूँ कि अपने खवाब बुनूं,

ख़्वाब ही ख़्वाब कब तक देखूँ,अब दिल चाहता है तेरी भी एक झलक देखूँ।

ख़्वाब ही ख़्वाब कब तक देखूँ,अब दिल चाहता है तेरी भी एक झलक देखूँ।

ये प्यारा सा जो रिश्ता है, कुछ मेरा है, कुछ तेरा है, कहीं लिखा नही, कहीं पढ़ा नही,

कहीं देखा नही, कहीं सुना नही, फिर भी जाना पहचाना है, कुछ मेरा है, कुछ तेरा है।

शमा कहती है मूज़े बनाया किसने, जिस जिस के हाथ लगी मूज़े जलाया उसने,

वो शमा क्या जिसे कोई जलाने वाला ना हो, वो इंसान ही क्या जिसे कोई चाहने वाला ना हो।

लोग कहते हैं इश्क एक धोखा है,हमने सुना ही नहीं आजमा कर देखा है,

पहले लूट लेते हैं प्यार में जान तक,फिर कहते हैं कौन हो आप,आपको कहीं देखा है।

दिल के रिश्ते तो ऐसे ही होते हैं धड़कना भूल सकता है,

पर उसकी यादों को नहीं भुला सकता जिस से मोहब्बत होती है।

तमन्ना हो मिलने की तो, बाँध आँखों मे भी नज़र आएँगे,

महसूस करने की कोशिश तो कीजिए, दूर होते हुए भी पास नज़र आएँगे।

कृपया हमारी पोस्ट कैसी लगी,हम आपके लिए ऐसे ही नई-नई पोस्ट लाते रहेंगे। 

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