तू मोहब्बत से कोई चाल तो चल,हार जाने का हौसला है मुझे।

संभाले नहीं संभलता है दिल,मोहब्बत की तपिश से न जला,

इश्क तलबगार है तेरा चला आ,अब ज़माने का बहाना न बना।

ये लकीरें ये नसीब ये किस्मत सब फरेब के आईनें हैं।

ज़िन्दगी से यही गिला है मुझे,तू बहुत देर से मिला है मुझे,

तू मोहब्बत से कोई चाल तो चल,हार जाने का हौसला है मुझे।

आप खुद नही जानती आप कितनी प्यारी हो जान तो हमारी पर जान से प्यारी हो,

दूरियों के होने से कोई फ़र्क नहीं पड़ता आप कल भी हमारी थी आज भी हमारी हो।

ये लकीरें ये नसीब ये किस्मत,सब फ़रेब के आईनें हैं,

हाथों में तेरा हाथ होने से ही,मुकम्मल ज़िंदगी के मायने हैं।

हसरतें मचल गई जब,तुमको सोचा एक पल के लिए,

सोचो तब क्या होगा जब,मिलोगे मुझे उम्र भर के लिए।

रोज साहिल से समंदर का नजारा न करो,अपनी सूरत को शबो-रोज निहारा न करो,

आओ देखो मेरी नजरों में उतर कर खुद को,आइना हूँ मैं तेरा मुझसे किनारा न करो।

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