दिल में आहट सी हुई रूह में दस्तक गूँजी, किस की खुशबू ये मुझे मेरे सिरहाने आई

दिल में ना हो जुर्रत तो मोहब्बत नहीं मिलती

खैरात में इतनी बड़ी दौलत नहीं मिलती।

हँस‬ के चल दूँ मैं काँच के टुकड़ो पर,अगर ‪‎वो‬ कह दे उसके ‪‎बिछाए‬ फूल‬ हैं।

दिल में आहट सी हुई रूह में दस्तक गूँजी,

किस की खुशबू ये मुझे मेरे सिरहाने आई।

किसी से प्यार करो और तजुर्बा कर लो,

ये रोग ऐसा है जिसमें दवा नहीं लगती।

खुलता नहीं है हाल किसी पर कहे बग़ैर,

पर दिल की जान लेते हैं दिलबर कहे बग़ैर।

आँखों के रास्ते मेरे दिल में उतर गये,

बंदा-नवाज़ आप तो हद से गुज़र गये।

बैठे हैं तेरे दर पे कुछ कर के उठेंगे,

या वस्ल ही हो जायेगा या मर के उठेंगे।

हँस‬ के चल दूँ मैं काँच के टुकड़ो पर,

अगर ‪‎वो‬ कह दे उसके ‪‎बिछाए‬ फूल‬ हैं।

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