आप दौलत के तराज़ू में दिलों को तौलें, हम मोहब्बत से मोहब्बत का सिला देते हैं

इक तेरी तमन्ना ने कुछ ऐसा नवाज़ा है,

माँगी ही नहीं जाती अब कोई और दुआ हमसे।

छू जाते हो तुम मुझे हर रोज एक नया ख्वाब बनकर।

खयालों में ​उसके मैंने बिता दी ज़िंदगी सारी,

​​इबादत कर नहीं पाया खुदा नाराज़ मत होना​।

आप दौलत के तराज़ू में दिलों को तौलें,

हम मोहब्बत से मोहब्बत का सिला देते हैं।

छू जाते हो तुम मुझे हर रोज एक नया ख्वाब बनकर,

ये दुनिया तो खामखां कहती है कि तुम मेरे करीब नहीं।

कभी तुम आ जाओ ख्यालों में और मुस्कुरा दूँ मैं,

इसे गर इश्क़ कहते हैं तो हाँ मुझे इश्क़ है तुमसे।

अपने हाथों से यूँ चेहरे को छुपाते क्यूँ हो,मुझसे शर्माते हो तो सामने आते क्यूँ हो,

तुम भी मेरी तरह कर लो इकरार-ए-वफ़ा अब,प्यार करते हो तो फिर प्यार छुपाते क्यूँ हो।

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