तेरा ख्याल दिल से मिटाया नहीं अभी, बेवफा मैंने तुझ को भुलाया नहीं अभी

जिक्र तेरा हर लफ्ज में करूंगा, फ़िक्र ना कर, तेरा नाम ना लूँगा !

मुझे इश्क है बस तुमसे नाम बेवफा मत देना,

गैर जान कर मुझे इल्जाम बेवजह मत देना,

जो दिया है तुमने वो दर्द हम सह लेंगे मगर,

किसी और को अपने प्यार की सजा मत देना।

पल पल उसका साथ निभाते हम

एक इशारे पर दुनिया छोड जाते हम

समदर के बीच मै पहुचॅ कर फरेब किया उसने

वो कहता तो किनारे पर ही डूब जाते हम

तेरा ख्याल दिल से मिटाया नहीं अभी,

बेवफा मैंने तुझ को भुलाया नहीं अभी।किसी की खातिर मोहब्बत की इन्तेहाँ कर दो,

लेकिन इतना भी नहीं कि उसको खुदा कर दो,

मत चाहो किसी को टूट कर इस कदर इतना,

कि अपनी वफाओं से उसको बेवफा कर दो।

बेवफाई उसकी दिल से मिटा के आया हूँ,

ख़त भी उसके पानी में बहा के आया हूँ,

कोई पढ़ न ले उस बेवफा की यादों को,

इसलिए पानी में भी आग लगा कर आया हूँ।

उसने महबूब ही तो बदला है फिर ताज्जुब कैसा,

दुआ कबूल ना हो तो लोग खुदा तक बदल लेते है।कैसे मिलेंगे हमें चाहने वाले बताइये,

दुनिया खड़ी है राह में दीवार की तरह,

वो बेवफ़ाई करके भी शर्मिंदा ना हुए,

सजाएं मिली हमें गुनहगार की तरह।

मेरा यूँ टुटना और टूटकर बिखर जाना

कोई इत्फाक नहीं,

किसी ने बहुत कोशिश की है

मुझे इस हाल तक पहुँचाने में…

तस्वीर में भी बदले हुए हैं उनके तेवर,

आँखों में मुरब्बत का कहीं नाम नहीं है।समेट कर ले जाओ अपने झूठे वादों के अधूरे क़िस्से

अगली मोहब्बत में तुम्हें फिर इनकी ज़रूरत पड़ेगी।

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