जो कुछ खोया वो मेरी नादानी थी और.. जो भी पाया वो प्रभू की मेहेरबानी थी

तकदीर में जो लिखा है उसकी फरियाद ना कर

कल खो दिया आज के लिये,

आज खो दिया कल के लिये,

कभी जी ना सके हम आज आज के लिये,

बीत रही है जिदंगी.. कल आज और कल के लिये!

सब के दिलों का एहसास अलग होता है,

इस दुनिया में सब का व्यवहार अलग होता है,

आँखें तो सब की एक जैसी ही होती है,

पर सब का देखने का अंदाज़ अलग होता है!

मशहूर होना लेकिन कभी मगरूर मत होना,

छू लो कदम कामयाबी के लेकिन कभी अपनों से दूर मत होना,

जिंदगी में खूब मिल जायेगी दौलत और शोहरत पर,

अपने ही आखिर अपने होते हैं ये बात कभी भूल मत जाना!

एक खूबसूरत सोच

अगर कोई पूछे जिंदगी में क्या खोया और क्या पाया,

तो कहना जो कुछ खोया वो मेरी नादानी थी और..

जो भी पाया वो प्रभू की मेहेरबानी थी,

खुबसूरत रिश्ता है मेरा और भगवान के बीच में,

ज्यादा मैं मांगता नहीं और कम वो देता नहीं!

मायने ज़िन्दगी के बदल गये अब तो,

कई अपने मेरे बदल गये अब तो,

करते थे बात आँधियों में साथ देने की..

हवा चली और सब मुकर गये अब तो।

गुजरी हुई जिंदगी को कभी याद ना कर,

तकदीर में जो लिखा है उसकी फरियाद ना कर,

जो होगा वो होकर रहेगा,

तु कल की फिकर में अपनी आज की हंसी बर्बाद ना कर!

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