इसलिए मेहनत करो और परिणाम पाओ, क्योंकि मेहनत ही सफलता की कुंजी है।

तूफ़ान ज्यादा हो तो कश्तियां भी डूब जाती हैं,

और अहम ज्यादा हो तो हस्तियां भी डूब जाती हैं।

जिंदगी बड़ी अजीब सी हो गयी है, जो मुसाफिर थे,

वो रास नहीं आये जिन्हें चाहा वो साथ नहीं आये।

 

तूफ़ान ज्यादा हो तो कश्तियां भी डूब जाती हैं,और अहम ज्यादा हो तो हस्तियां भी डूब जाती हैं।

 

हर बार हम ही जीतें, ऐसा जरूरी तो नहीं,

क्योंकि हारना तो विपक्षी भी नहीं चाहता,

इसलिए मेहनत करो और परिणाम पाओ,

क्योंकि मेहनत ही सफलता की कुंजी है।

 

 

सच्चाई हमदर्दी यारी यूँ हम में से चली गई ।

जैसे ख़ुद किरदार ख़फ़ा हो जाएँ किसी कहानी से ।

चेहरे पर जो कुछ भी लिखा है वो सब एक हक़ीक़त है ।

आईना क्या देख रहे हो तुम इतनी हैरानी से ।

 

 

सब्ज़े से सब दश्त भरे हैं ताल भरे हैं पानी से ।

मेरे अंदर ख़ाली-पन है किस की बे-ईमानी से ।

अब के अपनी छत भी खुली है दीवारों में दर हैं बहुत ।

बारिश धूप हवा जो चाहे आ जाए आसानी से

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