मन भरा यार बदले, बेवफा हुए साफ, तो फिर इश्क का भ्रम कैसा

 

जो भी मिले खिलाड़ी ही निकले, कोई दिल से खेल गया तो कोई जिन्दगी से !

आप बेवफा होंगे सोचा ही नहीं था,

आप भी कभी खफा होंगे सोचा नहीं था,

जो गीत लिखे थे कभी प्यार पर तेरे,

वही गीत रुसवा होंगे सोचा ही नहीं था।

 

टूटा दिल तो गम कैसा,

वो चल दिये तो सितम कैसा,

मन भरा यार बदले,

बेवफा हुए साफ,

तो फिर इश्क का भ्रम कैसा ।

 

दिल के दरिया में धड़कन की कश्ती है,

ख़्वाबों की दुनिया में यादों की बस्ती है,

मोहब्बत के बाजार में चाहत का सौदा है,

वफ़ा की कीमत से तो बेवफाई सस्ती है।

 

ढूंढ़ तो लेते अपने प्यार को हम,

शहर में भीड़ इतनी भी न थी,

पर रोक दी तलाश हमने,

क्योंकि वो खोये नहीं बदल गए थे।

 

टूटे हुए दिल ने भी उसके लिए दुआ मांगी,

मेरी साँसों ने हर पल उसकी ख़ुशी मांगी,

न जाने कैसी दिल्लगी थी उस बेवफा से,

के मैंने आखिरी ख्वाहिश में भी उसकी वफ़ा मांगी

 

अपने तजुर्बे की आज़माइश की ज़िद थी,

वर्ना हमको था मालूम कि तुम बेवफा हो जाओगे।

नज़ारे तो बदलेंगे ही ये तो कुदरत है,

अफ़सोस तो हमें तेरे बदलने का हुआ है।

 

मोहब्बत से रिहा होना ज़रूरी हो गया है,

मेरा तुझसे जुदा होना ज़रूरी हो गया है,

वफ़ा के तजुर्बे करते हुए तो उम्र गुजरी,

ज़रा सा बेवफा होना ज़रूरी हो गया है।

 

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