99 रन पर खेल रहे सहवाग ने लगाया शानदार छक्का लेकिन इस गेंदबाज की शर्मनाक हरकत के कारण नहीं पूरा कर पाए शतक

क्रिकेट के कुछ पल ऐसे होते हैं जिनकी यादें हमेशा ताजा रहती हैं. ऐसा ही एक ऐतिहासिक मैच भारत और श्रीलंका के बीच खेला गया था जिसमें भारतीय बल्लेबाज वीरेंद्र सहवाग 99 के निजी स्कोर पर बल्लेबाजी कर रहे थे और अगली ही बॉल पर सहवाग ने सिक्स लगाया लेकिन वो रन सहवाग के खाते में नही गया. अंत में सहवाग 99 के निजी स्कोर पर पवेलियन वापस लौट गए. आज हम आपको ऐसे ही मैच की याद ताजा करवाने जा रहे हैं।

16 अगस्त 2010 में श्रीलंका के खिलाफ त्रिकोणीय सीरीज के अंतर्गत भारत दांबुला में वनडे मैच खेल रहा था। श्रीलंका ने पहले बल्लेबाजी करते हुए महज 170 रन बनाए।

इसके बाद बल्लेबाजी करने उतरी भारतीय टीम की शुरुआत भी अच्छी नहीं रही और उसके तीन विकेट सिर्फ 32 रनों पर गिर गए। लेकिन दबाव के बावजूद सलामी बल्लेबाज वीरेंदर सहवाग ने अपना नैसर्गिक खेल जारी रखा। उन्होंने श्रीलंकाई गेंदबाजों की खूब धुनाई करते हुए उन्हें मैदान के चारों ओर शॉट्स लगाए।

जिसका नतीजा यह रहा की वीरेंद्र सहवाग ने तूफानी पारी खेलते हुए भारत को लक्ष्य के काफी करीब पहुंचा दिया था. मैच के 34वें ओवर में ही भारतीय टीम ने 170 रन बनाकर श्रीलंका द्वारा बनाए गए स्कोर की बराबरी कर ली थी.

अब को भारत जीत से मात्र 1 रन दूर था और भारतीय टीम के सलामी बल्लेबाज़ वीरेंदर सहवाग को भी अपना शतक पूरा करने के लिए 1 ही रन की आवश्यकता थी, तब श्रीलंकाई खिलाड़ी तिलकरत्ने दिलशान ने वीरेंद्र सहवाग को शतक से रोकने के लिए गेंदबाज सूरज रणदीव को उकसाया। दिलशान ने रणदीव से नो बॉल डालने के लिए कहा, जिससे टीम इंडिया के विजयी रन पूरे हो जाएं और सहवाग का शतक पूरा न हो।

रणदीव ने ऐसा ही किया, हालांकि सहवाग ने उस नो बॉल पर छक्का लगा दिया था लेकिन नो बॉल द्वारा भारत को जीत के लिए आवश्यक रन मिल जाने के कारण उनके छक्के को मान्यता नहीं दी गई और वो अपने 13वें शतक से चूक गए।

बाद में इस बात की काफी आलोचना हुई और कहा गया कि रनदीव ने नो बॉल जानबूझकर किया है.श्रीलकाई कप्तान कुमार संगकारा ने बेहद दुःख जताते हुए कहा कि उन्हें काफी अफ़सोस है और इस तरह की घटना नहीं होनी चाहिए. उम्मीद करते हैं कि भविष्य में किसी भी टीम के खिलाडियों के द्वारा इस प्रकार की शर्मनाक हरकत देखने को नहीं मिलेगी.