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अपने मरते हुए दोस्त को बचाने के लिए धोनी ने भेज दिया था हेलीकाप्टर लेकिन किस्मत को तो कुछ और ही मंजूर था

Dhoni had sent a helicopter to save his dying friend, but luck had something else in mind 1024x538

टीम इंडिया के पूर्व कप्तान और दिग्गज बल्लेबाज महेंद्र सिंह धोनी किसी तारुफ़ के मोहताज नहीं हैं. धोनी ने क्रिकेट के मैदान पर जो किया है वो क्रिकेट इतिहास के सुनहरे अक्षरों में लिखा जाएगा लेकिन क्रिकेट मैदान के बाहर भी धोनी ने कई सारे ऐसे काम किए हैं जिनके बारे में जानकर धोनी के लिए आपकी इज्जत और बढ़ जाएगी.

वैसे तो अधिकतर लोग करियर की उंचाइयों पर पहुंचने के बाद अपने पुराने दोस्तों को भूल जाते हैं लेकिन महेंद्र सिंह धोनी उन लोगों में से नहीं हैं. क्रिकेट की दुनिया में बेशुमार सफलता हासिल करने के बावजूद धोनी आज भी अपने दोस्तों से एक आम इंसान की तरह मिलते हैं. वे अपने करीबी दोस्तों के लिए किसी भी मौके पर उनके हमदर्द के रूप में पेश आते हैं.

उनमें से एक बचपन के दोस्त संतोष लाल थे. संतोष ने ही धोनी को हेलीकॉप्टर शॉट लगाना सिखाया था. मज़े की बात तो ये है कि महेंद्र सिंह धोनी को अपने दोस्त संतोष से हेलीकॉप्टर शॉट सीखने के लिए उन्हें गरमा गर्म समोसे खिलाने पड़ते थे. धोनी अपने शुरूआती दौर में संतोष के साथ क्रिकेट खेला करते थे. वे दोनों बचपन से ही अच्छे मित्र थे. दोनों ने रेलवे में भी काम किया. वे एक साथ सफर करते. धोनी को संतोष की बल्लेबाजी बेहद पसंद थी.

समय बीतता गया और धोनी ने टीम इंडिया के एक सफल कप्तान के रूप में अपनी पहचान बना ली थी. वह एक सिलेब्रिटी के तौर पहचाने जाने लगे थे. इसी बीच धोनी को अपने दोस्त संतोष के बीमार होने की खबर लगी. जो पेट की बीमारी से ग्रसित थे. उनके पैन्क्रियाज में इन्फेक्शन हो गया था. रांची में बेहतर इलाज संभव नहीं था. उनकी आर्थिक स्थिति भी ख़राब थी. ऐसे में महेंद्र सिंह धोनी ने अपने बचपन के दोस्त की हर संभव मदद करने की कोशिश की.

धोनी ने संतोष के बेहतर इलाज के लिए दिल्ली के एम्स अस्पताल में भर्ती कराना चाहा. उन्होंने इसके लिए एयर एम्बुलेंस की व्यवस्था कराई. लेकिन किस्मत को कुछ और ही मंज़ूर था. जब उन्हें हेलीकॉप्टर से दिल्ली लाया जा रहा था. तो मौसम ख़राब हो गया. ऐसे में हेलीकॉप्टर को दिल्ली पहुंचने से पहले वाराणसी में लैंड कराना पड़ा. जब तक बहुत देर हो चुकी थी. संतोष को दिल्ली लाया गया. एम्स अस्पताल में उनका इलाज भी शुरू हुआ. लेकिन इलाज के दौरान उनके दोस्त संतोष ने 32 साल की उम्र में ही इस दुनिया को अलविदा कह दिया.

धोनी अपने बचपन के मित्र को बचा नहीं सके थे. लेकिन उन्होंने बतौर सिलेब्रिटी अपनी दोस्ती का फर्ज बखूबी निभाया और मानवता की मिसाल पेश की.

 

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