विराट कोहली पर शोएब अख्तर का बयान, बोले ‘हम मैदान के बाहर बेस्ट फ्रेंड होते और मैदान पर एक-दूसरे के कट्टर दुश्मन’

Shoaib Akhtar equates Virat Kohli's on field intensity with Imran ...

पाकिस्तान के पूर्व तेज गेंदबाज शोएब अख्तर (Shoaib Akhtar) को लगता है कि अगर वह आज खेल रहे होते तो भारतीय कप्तान विराट कोहली (Virat Kohli) और वह एक ही वक्त पर दोस्त और दुश्मन दोनों होते।

अख्तर ने क्रिकइंफो पर बातचीत में कहा, ‘हम दोनों पंजाबी हैं। हमारा दिल बड़ा होता है। हम मैदान के बाहर बेस्ट फ्रेंड होते और मैदान पर एक-दूसरे के कट्टर दुश्मन।’

अख्तर ने कहा, ‘जब आप विराट के साथ झगड़ा करते हो तो वह और फोकस हो जाता है। तो उन्हें गेंदबाजी करते समय मैं कोशिश करता कि वह अपना फोकस खोएं। मेरा प्रयास होता कि वह एकाग्रता खोएं। मेरी गेंद की रफ्तार पर मैं उन्हें कट या पुल करवाने की कोशिश करता क्योंकि उनके पास ये दो शॉट नहीं हैं (How Akhtar would have bowled Kohli) ।’

अख्तर ने कहा, ‘मुझे पता है कि उन्हें ड्राइव करना पसंद है, तो अपनी रफ्तार पर मैं उन्हें ड्राइव के लिए आमंत्रित करता और बीच-बीच में उनसे बात करता रहा। कुछ वैसा ही जैसा जेम्स एंडरसन (James Anderson to Virat Kohli) ने उनके साथ इंग्लैंड में किया।’

अख्तर से जब पूछा किया कि किस बल्लेबाज को आप बोल्ड नहीं पाते। तो उन्होंने इंजमाम-उल-हक (Inzmam-ul-Haq) का नाम लिया। उन्होंने कहा, ‘सच बताऊं तो इंजमाम-उल-हक को मैं बोल्ड नहीं कर पाता। देखिए, मेरा ऐक्शन बहुत मुश्किल है। यह ब्रेट ली की तरह सिम्पल नहीं है। लेकिन इंजमाम को 10 साल तक नेट्स में भी बोल्ड नहीं कर पाया। मुझे लगता है कि वह गेंद को एक सेकंड पहले पढ़ लेते थे।’

इसके साथ ही उन्होंने मार्टिन क्रो और राहुल द्रविड़ (Rahul Dravid Wall of India) की भी तारीफ की। अख्तर ने कहा, ‘मुझे लगता है कि मार्टिन क्रो भी मुझे बहुत अच्छा खेलते। मुझे लगता है कि वह जादूगर की तरह खेलते थे। भारतीय बल्लेबाजों में राहुल द्रविड़ बहुत शानदार बल्लेबाज थे। अगर वह शॉट नहीं खेलते तो मैं उनके डिफेंस को नहीं भेद सकता। इसके साथ ही जैक कालिस दुनिया के सर्वश्रेष्ठ ऑलराउंडर्स और स्लिप फील्डर्स में रहे।’

पूर्व भारतीय सलामी बल्लेबाज वीरेंदर सहवाग (Virender Sehwag) ने भी अख्तर का सामना आसानी से किया। इस पर अख्तर का कहना था, ‘मैंने शुरुआत में सहवाग को शॉर्ट बोलिंग की जबकि मुझे बाहर जाती गेंद फेंकनी चाहिए थी। एक बार जब मुझे इसका पता चल गया तो वह मेरे खिलाफ ज्यादा रन नहीं बना पाए। मैं उन्हें कई बार ऐसे आउट भी किया। इसमें आईपीएल और लाहौर शामिल रहा। ‘

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